Dharm Desk – ज्येष्ठ मास का पहला बड़ा मंगल आज मनाया जा रहा हैं. इस बार अधिकमास के कारण ज्येष्ठ दो महीने का होगा, जिसके चलते कुल 8 बड़ा मंगल पड़ेंगे. आज के दिन हनुमान जी के वृद्ध स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व होता है. सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखी गई. शाम के समय किए जाने वाले उपाय और भी ज्यादा फल दायी माने जाते है.

क्या है इस दिन का महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान श्रीराम माता सीता की खोज में भटक रहे थे. तब उनकी पहली भेंट हनुमान जी से ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही हुई थी. यही वजह है कि इस दिन को बड़ा या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. हालांकि कई जगहों पर लोग इसे लेकर भ्रमित भी रहते है और अलग-अलग परंपराओं का पालन करते है.
हनुमान जी को लगाए भोग
आज के दिन भक्त हनुमान जी को बूंदी, बेसन के लड्डू, केसर भात और गुड़-चने का भोग लगाते है. कुछ लोग गलती से केवल लड्डू चढ़ाकर ही पूजा पूरी मान लेते हैं, जबकि शास्त्रों में पूर्ण विधि से पूजन का उल्लेख मिलता है.
शाम के समय जरूर करें ये खास उपाय
अगर सुबह पूजा नहीं कर पाए हैं, तो शाम का समय भी अत्यंत शुभ है. सूर्यास्त के बाद हनुमान मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें. हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें, इससे मानसिक तनाव और भय दूर होता है.
जरूरतमंदों को भोजन, पानी और वस्त्र दान करें
खासकर इस गर्मी में जल सेवा करना अत्यधिक पुण्यदायी माना गया है. कई लोग केवल व्रत रखकर ही संतुष्ट हो जाते हैं, जबकि ऐसा कहा जाता है कि दान-पुण्य किए बिना व्रत का पूरा फल नहीं मिलत. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए भंडारे और सेवा कार्य राम सेवा के समान फल देते हैं. बड़ा मंगल पर की गई सच्ची भक्ति से संकट दूर होते है. शत्रुओं पर विजय मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
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