० महिला सशक्तिकरण प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन
० शोधार्थियों एवं अंतर्राष्ट्रीय छात्राओं के लिए कुवि में बनेगा हास्टल
नवोदित, कुरुक्षेत्र | कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में “सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र” विषय पर आयोजित सेमिनार और प्रदर्शनी का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नारी के विकास से ही विकसित भारत-2047 का सपना साकार होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी राष्ट्र प्रगति की ऊंचाइयों को छू सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र को ऐतिहासिक और आध्यात्मिक भूमि बताते हुए कहा कि यह वही स्थान है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश देकर कर्म और धर्म का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि महाभारत केवल सत्ता का युद्ध नहीं था, बल्कि अन्याय के विरुद्ध न्याय की लड़ाई थी। नारी सम्मान और अधिकारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज को आज भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
महिला सशक्तिकरण और विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पहले महिला सशक्तिकरण पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और दीप प्रज्वलित कर सेमिनार का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राष्ट्र निर्माण का आधार मानते हुए सरकार लगातार उनके सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान चार प्रमुख स्तंभों—नारी, किसान, युवा और गरीब—के सशक्तिकरण पर केंद्रित है। किसानों को मजबूत करना देश की नींव को मजबूत करता है, वहीं युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। गरीबों का उत्थान भी सरकार की प्राथमिकता है।
बेटियों की शिक्षा और सरकारी प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटियों को दूर पढ़ाई के लिए भेजने में डर लगता था, लेकिन अब सरकार ने हर 20–30 किलोमीटर के दायरे में कॉलेज स्थापित कर बेटियों की शिक्षा को आसान और सुरक्षित बनाया है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” जैसे कदमों से महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
ऐतिहासिक नारी शक्तियों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने रानी लक्ष्मीबाई, गार्गी, मैत्रेयी और जीजाबाई जैसी महान महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि नारी हमेशा से शक्ति, ज्ञान और संस्कार की प्रतीक रही है। आज महिलाएं आईटी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर रही हैं।
कुलपति और अन्य वक्ताओं के विचार
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज और राष्ट्र का विकास अधूरा है। उन्होंने समानता, न्यायसंगत अवसर और समावेशिता पर जोर दिया।
कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय में 55% छात्राएं हैं, जिनमें विज्ञान संकाय में यह आंकड़ा लगभग 80% तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
वहीं प्रो. मंजूला चौधरी ने कहा कि एक शिक्षित महिला पूरे परिवार को शिक्षित करती है, इसलिए महिलाओं की शिक्षा ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। प्रो. प्रीति जैन ने महिला राजनीतिक प्रतिनिधित्व में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।

