ODISHA DESK, भुवनेश्वर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (2026) में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद ओडिशा की राजनीति में भी सरगर्मी तेज हो गई है। ओडिशा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने इस जीत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी के कल के संबोधन का हवाला देते हुए कहा कि “अंग, बंग और कलिंग” (बिहार, बंगाल और ओडिशा) का साथ आना पूर्वी भारत के विकास के लिए एक टर्निंग पॉइंट है।

उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार आने के बाद ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बीच संबंध और भी गहरे होंगे।अध्यक्ष के अनुसार, “दोनों राज्यों के बीच जो भी राजनीतिक कड़वाहट या विवाद थे, वे हीनभावना (Inferiority complex) के कारण थे। अब इन सभी मुद्दों का समाधान होगा और एक बेहतर तालमेल स्थापित होगा।”

उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते थे कि दोनों राज्यों के बीच अच्छे संबंध रहें, लेकिन अब विकास की राजनीति हावी होगी।

दूसरी ओर, बीजू जनता दल (BJD) ने भाजपा की इस खुशी पर कटाक्ष किया है। बीजेडी विधायक अरुण साहू ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा को अपनी जीत पर इतना अहंकार नहीं करना चाहिए क्योंकि उनका पतन भी निश्चित है।

अरुण साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक दलों के साथ नहीं, बल्कि देश की केंद्रीय जांच एजेंसियों (CBI, ED आदि) के साथ गठबंधन किया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के पास हजारों करोड़ रुपये हैं और वे धन बल तथा केंद्रीय सत्ता का दुरुपयोग करके चुनाव जीत रहे हैं। बीजेडी नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि “जैसे-तैसे चुनाव जीतने की यह राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलेगी और भाजपा का अंत जल्द ही आएगा।”

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी इसका असर दिखने लगा है। जहाँ एक ओर भाजपा इसे “पूर्वी भारत का उदय” मान रही है, वहीं बीजेडी इसे संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र के लिए खतरा बता रही है। आने वाले समय में दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद और जल विवाद जैसे मुद्दों पर क्या रुख रहता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m