कुंदन कुमार/ पटना। बिहार में सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज, 6 मई को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। कल होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से ठीक पहले हुई इस बैठक में सरकार ने 20 महत्वपूर्ण एजेंडों पर अपनी मुहर लगा दी है। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव समेत अन्य वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे।

​कल होगा मंत्रिमंडल विस्तार

​ताजा जानकारी के अनुसार, सम्राट चौधरी सरकार कल यानी 7 मई को पटना के गांधी मैदान में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती है। चर्चा है कि इस समारोह में लगभग 27 नए मंत्री शपथ लेकर सरकार का हिस्सा बनेंगे। आज की बैठक को इस विस्तार से पहले की अंतिम प्रशासनिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

कैबिनेट बैठकों में बड़े फैसले

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति का विस्तार

​बिहार सरकार ने राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज’ की अवधि बढ़ा दी है। पहले इसकी समय सीमा 31 मार्च 2026 तक निर्धारित थी, जिसे अब विस्तारित कर 30 जून 2026 कर दिया गया है। इस निर्णय से नए उद्यमियों और निवेशकों को सब्सिडी व अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन हेतु वित्तीय सहायता

​बिहार में प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 400 नई इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाई जाएंगी। इन बसों के अगले 12 वर्षों तक सुचारू परिचालन के दौरान होने वाले संभावित वित्तीय घाटे की भरपाई (Viability Gap Funding) के लिए सरकार ने 517.16 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इस कदम से शहरी परिवहन सुधरेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम जनता को आधुनिक सफर की सुविधा मिलेगी।

सप्तम राज्य वित्त आयोग का कार्यकाल विस्तार

​बिहार सरकार ने सप्तम राज्य वित्त आयोग की कार्य अवधि को बढ़ाने की औपचारिक स्वीकृति दे दी है। पूर्व में इस आयोग की अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दिया गया है। अवधि विस्तार का मुख्य उद्देश्य वित्तीय संसाधनों के बंटवारे और पंचायतों व नगर निकायों की आर्थिक स्थिति की समीक्षा कर सटीक रिपोर्ट तैयार करना है, ताकि स्थानीय निकायों का सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।

​सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज का नया नामकरण

​धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों को सम्मान देते हुए बिहार सरकार ने सीतामढ़ी में निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम ‘मां सीता’ के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह संस्थान अब ‘मां सीता राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल’ के नाम से जाना जाएगा। इस निर्णय से न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुदृढ़ होगी, बल्कि स्थानीय लोगों की आस्था और भावनाओं को भी सम्मान मिलेगा।

बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम (विश्व बैंक सहायता)

​बिहार के प्रमुख शहरों को आर्थिक रूप से सशक्त और आधुनिक बनाने के लिए ‘बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम’ को मंजूरी दी गई है। इसके तहत विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर की ऋण सहायता ली जाएगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एकीकृत शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास करना और परिवहन व्यवस्था को वैश्विक स्तर का बनाना है। इससे शहरी बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और आर्थिक गतिविधियों के नए केंद्र विकसित होंगे।

सड़कों का दीर्घकालिक रखरखाव और हाई-टेक निरीक्षण

​सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सरकार ने 19,305.58 किमी लंबी सड़कों के संधारण हेतु 15,968 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। यह कार्य ‘लॉन्ग टर्म आउटपुट बेस्ड रोड एसेट मेंटेनेंस’ के तहत 100 पैकेजों में 7 वर्षों के लिए होगा। इसके अंतर्गत एक केंद्रीयकृत कंट्रोल सेंटर बनेगा और AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) तकनीक से सड़कों का निरीक्षण होगा। यह पहल सड़कों के डिजिटल प्रबंधन और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी।