कालांवाली में पिछले छह दिनों से सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था ठप है, जिससे सड़कों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं और महामारी का डर बना हुआ है।

श्रवण प्रजापति, सिरसा। जिले के अंतर्गत आने वाले कालांवाली शहर में पिछले छह दिनों से सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है, जिससे पूरे शहर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कभी साफ-सुथरी रहने वाली गलियां और मुख्य बाजार अब कचरे के डंपिंग ग्राउंड में तब्दील हो चुके हैं। घरों से निकलने वाला कूड़ा सड़कों पर जमा हो रहा है, जिससे आमजन का जीना मुहाल हो गया है। स्थिति इतनी विकट है कि स्थानीय निवासियों को अब भीषण गर्मी के बीच संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर सताने लगा है।

बाजारों में सड़ता कचरा और व्यापार पर संकट

शहर के लगभग हर वार्ड में कूड़ा उठान ठप होने के कारण लोग मजबूरन सड़कों पर कचरा फेंक रहे हैं। गर्मी के कारण कचरा सड़ने लगा है, जिससे उठने वाली दुर्गंध ने वातावरण को प्रदूषित कर दिया है। मुख्य बाजारों में दुकानों के सामने लगे कूड़े के ढेरों ने व्यापारियों और ग्राहकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी और मक्खियों के कारण ग्राहक दुकानों पर आने से कतरा रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है। विशेष रूप से फल-सब्जी मंडी और खाद्य सामग्री की दुकानों के पास मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि यदि यह गंदगी लंबे समय तक बनी रही, तो डेंगू, मलेरिया और टायफाइड जैसी बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं। नगर पार्षद मंगत नागर ने इस संकट के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों, जैसे वेतन बढ़ोतरी, स्थायी नियुक्ति और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हड़ताली कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे। वहीं, प्रशासन की चुप्पी से नाराज शहरवासियों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है।

कर्मचारियों की मांगें और प्रशासन का रुख

जानकारी के मुताबिक, सफाई कर्मचारी अपनी बुनियादी सुविधाओं और सेवा शर्तों में सुधार को लेकर अड़े हुए हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से आवाज उठाने के बावजूद प्रशासन ने उनकी अनदेखी की है। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से अब तक समाधान की कोई ठोस पहल नहीं देखी गई है। शहरवासियों का मानना है कि सफाई व्यवस्था एक बुनियादी जरूरत है, जिसमें किसी भी प्रकार की देरी जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। वर्तमान में कालांवाली शहर एक बड़े स्वच्छता और स्वास्थ्य संकट के मुहाने पर खड़ा है।