दिल्ली में पिछले साल पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास कार में मिले तीन शवों के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। इस केस में खुद को ‘बाबा’ बताने वाला कमरुद्दीन अब गंभीर अपराधों की एक श्रृंखला में घिरता नजर आ रहा है। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की जांच के अनुसार, आरोपी कमरुद्दीन तंत्र-मंत्र और “धनवर्षा” जैसी बातों का झांसा देकर लोगों को कथित तौर पर ठगता था। लेकिन जांच में यह भी सामने आया है कि वह अब तक कम से कम छह लोगों की हत्या में शामिल रहा है। पुलिस ने इस पूरे मामले में 527 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। इसमें घटनाओं का क्रम, साक्ष्य, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर कई अहम खुलासे शामिल किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, फरवरी 2026 में बाहरी दिल्ली के रहने वाले 76 वर्षीय रणधीर सिंह, 47 वर्षीय शिव नरेश सिंह और 40 वर्षीय लक्ष्मी देवी की हत्या कथित तौर पर जहरीले लड्डू खिलाकर की गई थी। इन तीनों के शव पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार में मिले थे, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी केवल इस एक घटना तक सीमित नहीं था, बल्कि 2014 और 2025 के बीच हुई तीन अन्य हत्याओं में भी उसकी संलिप्तता की बात पुलिस जांच में सामने आई है।

कमरुद्दीन का एजेंट था सलीम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जहांगीरपुरी निवासी लक्ष्मी देवी आर्थिक तंगी से जूझ रही थी और इसी कमजोरी का फायदा उठाया गया। लक्ष्मी देवी के पति की नौकरी बीमारी के कारण चली गई थी, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात सलीम नामक व्यक्ति से हुई, जो कथित तौर पर कमरुद्दीन का एजेंट बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि सलीम जैसे लोग परेशान और कमजोर स्थिति में रहने वाले लोगों को कमरुद्दीन तक पहुंचाते थे। इन लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि बाबा की मदद से उनकी समस्याओं का समाधान हो सकता है। जांच में पता चला कि कमरुद्दीन लोगों को अपनी कथित तांत्रिक शक्तियों का भरोसा दिलाने के लिए धनवर्षा का खेल दिखाता था. वह मंत्र पढ़ते हुए कपड़े में नोटों की गड्डियां निकालकर लोगों को चमत्कार का विश्वास दिलाता था. लक्ष्मी देवी भी इस झांसे में आ गई और उसने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बाबा पर भरोसा करना शुरू कर दिया.

पुलिस के अनुसार, लक्ष्मी देवी को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था, जो कथित तौर पर बाबा कमरुद्दीन से जुड़ा हुआ था। इसी ग्रुप के जरिए उसकी मुलाकात शिव नरेश से हुई, जो इस मामले में संदिग्ध भूमिका में बताया जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस को लक्ष्मी देवी की एक डायरी भी मिली है, जिसमें कई महिलाओं से जुड़ी निजी और संवेदनशील जानकारियां दर्ज थीं। इनमें शरीर के अंगों के माप, स्वास्थ्य संबंधी विवरण, सर्जरी और दवाइयों का रिकॉर्ड शामिल होने की बात सामने आई है। इसके अलावा, पुलिस को उसके मोबाइल फोन से कई महिलाओं की तस्वीरें भी मिली हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है और इनके आधार पर पूरे नेटवर्क की भूमिका और विस्तार की पड़ताल की जा रही है।

पहले हकीम बनकर करता था इलाज

पुलिस के अनुसार, कमरुद्दीन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद  का रहने वाला है। शुरुआती दौर में वह खुद को हकीम बताकर घरेलू इलाज करता था, लेकिन 2010 के बाद वह गाजियाबाद में आकर कथित तौर पर तांत्रिक गतिविधियों में शामिल हो गया। जांच में यह भी सामने आया है कि उसका आपराधिक इतिहास केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। पुलिस के मुताबिक, धौलपुर में 2014 में हुई एक हत्या के मामले में भी उसकी भूमिका की जांच सामने आई है। पुलिस का कहना है कि एक दंपती, जो संतान न होने की समस्या से जूझ रहा था, बाबा के संपर्क में आया था। आरोप है कि इसी दौरान कमरुद्दीन ने कथित रूप से महिला के पति को अपनी पत्नी की हत्या के लिए उकसाया। इसके अलावा, 8 फरवरी को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार में तीन शव मिलने के बाद इस मामले ने गंभीर मोड़ लिया। इसी घटना के बाद पुलिस ने कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया था।

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