पटना। बिहार में राजस्व कर्मचारियों की 86 दिनों से चली आ रही हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। विभाग और कर्मचारी संघ के बीच बनी सहमति के बाद अब आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है। बिहार में जमीन-जायदाद के कार्यों और जरूरी प्रमाणपत्रों के लिए भटक रहे आम लोगों के लिए सुखद खबर है। पिछले 86 दिनों से जारी राजस्व कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह और कर्मचारी संघ के बीच हुई सफल वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया। सोमवार से सभी कर्मचारी अपने कार्यालयों में योगदान देंगे, जिससे ठप पड़ी प्रशासनिक व्यवस्था फिर से पटरी पर लौटेगी।
वार्ता में बनी सहमति और सरकार का आश्वासन
बैठक में सरकार ने कर्मचारियों की 17 सूत्री मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि विभागीय स्तर की मांगों का निपटारा एक सप्ताह में और शासन स्तर के मुद्दों पर एक महीने के भीतर फैसला लिया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हड़ताल के दौरान जिन कर्मचारियों पर निलंबन या अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी, उसे वापस लेने के निर्देश जारी किए जाएंगे। साथ ही, हड़ताल की अवधि को अवकाश में समायोजित किया जाएगा ताकि कर्मियों का वेतन न कटे।
लंबित आवेदनों का अंबार: प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
9 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस हड़ताल के कारण राज्यभर के अंचल कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप था। लाखों की संख्या में दाखिल-खारिज, परिमार्जन और भू-लगान से जुड़े आवेदन लंबित पड़े हैं। जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र न बनने से छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों को काफी परेशानी हुई। अब कर्मचारियों के वापस आने से इन लंबित कार्यों के त्वरित निपटारे की भारी चुनौती प्रशासन के सामने होगी।
आखिर किन मांगों पर अड़े थे कर्मचारी?
राजस्व कर्मचारियों की नाराजगी मुख्य रूप से बढ़ते कार्यभार और संसाधनों की कमी को लेकर थी। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित थीं:
- वेतन विसंगति: ग्रेड पे में सुधार और समयबद्ध प्रोन्नति।
- तकनीकी संसाधन: डिजिटल कार्यों के लिए लैपटॉप, हाई-स्पीड इंटरनेट और डेटा एंट्री ऑपरेटरों की उपलब्धता।
- सुरक्षा और सुविधा: फील्ड ड्यूटी के दौरान सुरक्षा और कार्यस्थल पर बेहतर बुनियादी ढांचा।
- कर्मचारियों का तर्क था कि नई नियुक्तियों के बावजूद पुराने ढांचे पर दबाव कम नहीं हुआ है, जिससे काम करना चुनौतीपूर्ण हो गया था।
जनता को मिलेगी बड़ी राहत
हड़ताल खत्म होने से ग्रामीण क्षेत्रों के उन लोगों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी जो छोटे-छोटे कामों के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। सरकारी राजस्व की वसूली भी अब फिर से शुरू हो सकेगी। कर्मचारी संघ के नेताओं का कहना है कि सरकार के लिखित आश्वासन और जनहित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने काम पर लौटने का फैसला किया है।
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