शब्बीर अहमद, भोपाल। पूर्व आईएएस अधिकारी नियाज खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक के बाद एक कई ट्वीट कर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अंग्रेजी देश की राष्ट्रीय भाषा होती तो अंधविश्वास और नफरत की जगह वैज्ञानिक सोच और प्रेम होता।

नियाज खान ने लिखा, “विश्व आज वैज्ञानिक सोच की ओर बढ़ रहा है और चांद पर बसने की तैयारी में है, पर हम धर्म और अंधविश्वास की ओर डूबते चले जा रहे हैं। अंधविश्वास का समंदर फैलता जा रहा है, इससे दुनिया में हम अत्यधिक पिछड़े समझे जा रहे हैं।” 

चीन का उदाहरण दिया 

खान ने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि चीन ने वैज्ञानिक सोच अपनाकर सुपर पावर बना, जबकि हम अभी भी धर्म और अंधविश्वास में फंसे हुए हैं।

मुस्लिम नेताओं पर किया हमला 

नियाज खान ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर जैसे मुस्लिम नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, “ओवैसी और हुमायूं कबीर जैसे मुस्लिम नेता मुस्लिमों की कब्र खोदकर ही मानेंगे। आज मुस्लिम विकास के नाम पर जीरो है, ऊपर से ये नेता इन्हें बर्बाद करके छोड़ेंगे।”

कौन है नियाज खान ?

नियाज खान एमपी कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं और अपनी किताबों के लिए भी चर्चित रहे हैं। वे पहले भी अपने विवादास्पद बयानों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने ब्राह्मण द ग्रेट उपन्यास जब लिखा था तो काफी सुर्खियों में आए थे। इसके पहले उन्होने ब्राह्मण समाज की आर्थिक और समाजिक स्थिति पर कहा “आरक्षण दिया जाना चाहिए, उनकी दलील थी कि अगर देश को मजबूती देनी है तो ब्राह्मण को मजबूत करना ही होगा।”

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