शेखपुरा। जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पति ने अपनी ही पत्नी को सरेआम गोली मार दी। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने आरोपी पति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस हिंसक झड़प में मासूम बेटा भी गंभीर रूप से घायल हो गया है। फिलहाल मां-बेटे की हालत नाजुक बनी हुई है।

​घात लगाकर किया हमला

​मिली जानकारी के अनुसार, सिरारी थाना क्षेत्र के कैथवा रेलवे फाटक के पास की है। प्रतिमा देवी (32 वर्ष) बुधवार को अपने बेटे का जन्मदिन मनाने के बाद गुरुवार को अपनी मौसेरी बहन को छोड़ने ऑटो से कैथवा गांव जा रही थी। प्रतिमा का पति दीपक ठाकुर पहले से ही हथियार के साथ रेलवे फाटक के पास घात लगाकर बैठा था। जैसे ही ऑटो वहां पहुंचा, दीपक ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

​बेटे की हालत गंभीर, पत्नी पटना रेफर

​फायरिंग के दौरान एक गोली प्रतिमा को लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ी। इसी अफरा-तफरी में उसका बेटा भी ऑटो से नीचे गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। गोली चलने की आवाज सुनकर जब स्थानीय लोग मौके पर पहुचे, तो दीपक ने उन पर भी फायरिंग करने की कोशिश की। हालांकि, ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए उसे दबोच लिया।

​भीड़ के हत्थे चढ़ा पति, मौके पर मौत

​गुस्साई भीड़ ने दीपक ठाकुर को पकड़कर उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। सूचना मिलते ही सिरारी थाने के सब-इंस्पेक्टर निखिल भास्कर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तीनों को सदर अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दीपक ठाकुर को मृत घोषित कर दिया। वहीं, प्रतिमा और उसके बेटे की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है।

​दहेज प्रताड़ना और जेल की पृष्ठभूमि

​परिजनों ने बताया कि दीपक और प्रतिमा की शादी 6 साल पहले हुई थी। शादी के 2 साल बाद से ही दीपक दहेज के लिए प्रतिमा को प्रताड़ित करने लगा था। 6 महीने पहले भी उसने लोहे की खंती से प्रतिमा पर जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद वह 3 महीने जेल में रहा था। जेल से बाहर आने के बाद उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

​पुलिस की कार्रवाई

​घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्टल और खोखा बरामद किया है। जिले के एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने खुद अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की। पुलिस अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई और मॉब लिंचिंग के कोण से जांच कर रही है।