जींद। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो सुरक्षा कैसे होगी ?” जब बाड़ ही खेत को खाने लगे तो खेत कैसे बचेगा ? ये सिर्फ कहावतें नहीं कड़वी सच्चाई है। जिनके भरोसा सुरक्षा का जिम्मा हो जब वही भरोसा तोड़ दे तो बर्बाद होना लाजमी है। ऐसा ही एक नाबालिग़ बच्ची के साथ हुआ। जिस दादा के भरोसे वह गांव गई थी उसी ने भरोसा तोड़ दिया।

घटना जींद के गढ़ी थाना क्षेत्र की है। एक नाबालिग लड़की रिश्ते में दादा के साथ गांव गई थी। उसी दादा ने घर पर सूनेपन का फायदा उठाकर उसे अपनी हवस का शिकार बना लिया। पहले नशे की गोलियां खिलाई और फिर उसकी अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया।

पीड़िता को जब होश आया तो उसे दर्द महसूस हुआ। आरोपित ने उसे इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताने की धमकी दी। पीड़िता ने घर लौटकर परिजनों से आपबीती सुनाई और थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए तत्काल मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। जांच अधिकारी सुनीता ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर मामले की बारीकी व गहनता से जांच की जा रही है।