देहरादून. चंपावत नाबालिग रेप मामले में पूर्व सीएम हरीश रावत का बड़ा बयान सामने आया है. हरीश रावत ने कहा, चंपावत प्रकरण अत्यधिक संवेदनशील है. एक नाबालिग बालिका के साथ अब तथाकथित सामूहिक बलात्कार की बात सामने आती है. थाने में बालिका का दिव्यांग पिता कथित बलात्कारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए तहरीर देते हैं. बालिका के हाथ-पैर बंधे हुए चित्र और Video सोशल मीडिया में आते हैं. कोई भी सामाजिक कार्यकर्ता या पत्रकार इन तथ्यों को अनदेखा नहीं कर सकते हैं. मानवीय संवेदना का तकाजा है कि ऐसे तथ्यपूर्ण दृश्यों के सामने आने पर आप उस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं और अब बताया यह जा रहा है कि यह सारा मामला पूर्णतः कूट रचित था.
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आगे हरीश रावत ने कहा, एक पिता अपनी बेटी के भविष्य और सम्मान को किस प्रकार दांव पर लगा सकता है, यह अत्यधिक विचारणीय विषय है !! जिस व्यक्ति को कूट रचना के लिए दोषी प्रचारित किया जा रहा है, वह व्यक्ति भाजपा का मंडल अध्यक्ष रह चुका है और अब भी भाजपा का कार्यकर्ता है और उसके ऊपर इसी प्रकार के बलात्कार के मामले में FIR दर्ज हुई, शायद उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी और मामला माननीय हाईकोर्ट तक गया था.
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हरीश रावत ने ये भी कहा, अब इस नए मामले में कथित रूप से नामित व्यक्ति और उसके सहयोगी भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं. यह दोनों प्रकरण जहां सत्तारूढ़ दल में प्रत्येक स्तर पर, यहां तक कि मंडल स्तर पर चल रहे सत्ता संघर्ष को दर्शाता है, वहीं आने वाले समय में न्याय के लिए लड़ने और आवाज उठाने वालों के लिए एक अजीबो-गरीब स्थिति पैदा हो जाएगी. यह दोनों प्रकरण गंभीर निष्पक्ष जांच की अपेक्षा करते हैं. सत्य और तथ्य, दोनों निष्पक्ष माध्यमों से ही सामने आ सकते हैं, क्योंकि दोनों प्रसंगों में पीड़िता एक बेटी है. स्मरण रहे इस राज्य की अधिष्ठात्री मां नंदा भी इसी धरती की बेटी है.
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