पटना। ​बिहार में नई सरकार के गठन के 22 दिन बाद आखिरकार मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा हो गया है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के केंद्र में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात रही। शुक्रवार सुबह सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के आवास पर जाकर उनसे भेंट की। लगभग 30 मिनट चली इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच गहरी केमिस्ट्री दिखी। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखे नजर आ रहे हैं, जो गठबंधन की मजबूती का संकेत माना जा रहा है।

​शराबबंदी और राजस्व पर कड़े तेवर

​मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों ने अपना पदभार संभालना शुरू कर दिया है। मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में शराबबंदी के बावजूद हो रही अवैध बिक्री को रोकने के लिए सरकार अब और भी कड़े कदम उठाएगी। वहीं, राजस्व विभाग की कमान संभालने वाले दिलीप जायसवाल ने माना कि यह विभाग चुनौतियों से भरा है और वे इसमें सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं।

​निशांत कुमार की एंट्री: स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी

​इस कैबिनेट विस्तार का सबसे बड़ा आकर्षण नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का राजनीति में उदय रहा। निशांत, जो मात्र दो महीने पहले राजनीति में सक्रिय हुए हैं, उन्हें सीधे स्वास्थ्य विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विशेष बात यह है कि निशांत वर्तमान में न तो विधानसभा और न ही विधान परिषद के सदस्य हैं। उनके साथ ही शिक्षा विभाग की कमान मिथिलेश तिवारी को दी गई है; यह पहला मौका है जब शिक्षा मंत्रालय भाजपा के कोटे में गया है।

​कैबिनेट का गणित और प्रमुख चेहरे

​नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और दलीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है। कुल 32 मंत्रियों ने पद की शपथ ली, जिनमें शामिल हैं:

  • ​भाजपा: 15 मंत्री
  • ​जदयू: 13 मंत्री
  • ​लोजपा (रामविलास): 02 मंत्री
  • ​हम (HAM): 01 मंत्री
  • ​RLM: 01 मंत्री

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह विभाग समेत 6 महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं। वहीं, डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव को वित्त और विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन विभाग दिया गया है। कैबिनेट में 7 नए चेहरों को जगह मिली है, जिनमें श्वेता कुमारी और दीपक प्रकाश (उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र) प्रमुख हैं।

​पोस्टर से नीतीश गायब, मंगल पांडेय को नहीं मिली जगह

​शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने इसे भव्य बनाया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज रही कि समारोह के पोस्टरों से नीतीश कुमार की तस्वीर नदारद थी। इसके अलावा, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को इस बार कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया है, हालांकि चर्चा है कि उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।