कुंदन कुमार, पटना। राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने TRE-4 शिक्षक भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया है। पुलिस ने अभ्यर्थियों को जमकर पिटा है। दरअसल जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर उतरे हुए थे, इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठिचार्ज कर दिया। इस दौरान कई छात्रों के घायल होने की सूचना है।
लाठीचार्ज के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। इस प्रदर्शन में काफी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल थी। पुलिस ने उनके उपर भी लाठियां भाजी है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में देरी कर रही है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों ने लगाया गुमराह करने का आरोप
छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि सरकार और अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि हालही में 16 अप्रैल को BPSC के परीक्षा नियंत्रक ने एक पॉडकास्ट में तीन से चार दिनों में TRE-4 का विज्ञापन जारी करने की बात कही थी। साथ ही 25-26 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई थी। हालांकि आज 8 मई होने के बाद भी आवेदन प्रक्रिया के शुरू होने को लेकर कोई सूचना नहीं आई है, जिससे अभ्यर्थियों में काफी नाराजगी देखने को मिल रहा है।
46,595 पदों पर होनी है भर्ती
आपको बता दें कि TRE-4 के तहत कुल 46,595 पदों पर शिक्षकों की भर्ती होनी है। इसके लिए प्रस्ताव फरवरी में ही BPSC को भेजी गई थी, जिसे शिक्षा विभाग ने संशोधित कर वार्षिक कैलेंडर में भी शामिल किया। लेकिन आवेदन प्रक्रिया को लेकर कोई सूचना अभी तक नहीं जारी की गई। सूत्रों के अनुसार परीक्षा 22 से 27 सितंबर 2026 के बीच आयोजित हो सकती है और परिणाम नवंबर में जारी होने की उम्मीद है।
पहली बार लागू होगी डोमिसाइल नीति
इस भर्ती प्रक्रिया में पहली बार डोमिसाइल नीति लागू की जाएगी। कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षकों के अलावा विभिन्न कल्याण विभागों में भी नियुक्तियां होनी है। TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के जरिए बीते दो सालों में लगभग 2.27 लाख शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है।
नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कल ही ली है शपथ
बता दें कि कल ही सम्राट सरकार में बिहार के नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पद एंव गोपनीयता की शपथ ली है। ऐसे में पदभार संभालते ही उनके सामने यह बड़ी चुनौती आ गई है। ऐसे में अब यह देखने वाली बात होगी की वह इन समस्याओं का कैसे समाधान निकालते हैं। इससे पहले जदयू विधायक सुनील कुमार शिक्षा विभाग को संभाल रहे थे, जिन्हें अब सम्राट की नई सरकार में ग्रामीण कार्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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