अमित पांडेय, डोंगरगांव। छत्तीसगढ़ के डोंगरगांव में फर्जी माइनिंग अफसर बनकर वसूली करने वाले तीन लोगों को पकड़ा गया है। तीनों ने खेत में जेसीबी से समतलीकरण का काम करा रहे ट्रांसपोर्टर पर अवैध खनन का आरोप लगाते हुए सरकारी कार्रवाई का डर दिखाया और पैसे ऐंठने की कोशिश की। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया। यह पूरा मामला डोंगरगांव थाना क्षेत्र का है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, ग्राम दर्री निवासी ट्रांसपोर्टर रामसिंह राजपूत आमगांव में किसान के खेत की मरम्मत और मिट्टी समतलीकरण का काम करा रहे थे, तभी रवि शर्मा, रेहाना बेगम और शेख अरमान नाम के तीन लोग स्विफ्ट कार क्रमांक CG 04 PN 1413 से मौके पर पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने अवैध खनन का मामला बताकर ट्रांसपोर्टर और ड्राइवर को डराना शुरू किया। “गाड़ी जब्त होगी, मामला बनेगा और बदनामी होगी” जैसी धमकियों के बीच 10 हजार रुपये की मांग रख दी गई।
कैसे पकड़ाए तीनों ?
सरकारी कार्रवाई के डर से घबराए ट्रांसपोर्टर ने तत्काल मोबाइल के जरिए 6 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी कर दिए, लेकिन इसी बीच मामला राजनांदगांव पुलिस तक पहुंच गया। सूचना मिलते ही डोंगरगांव पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कुमरदा पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी की और कुछ ही देर में तीनों आरोपियों को कार समेत पकड़ लिया।
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी असली माइनिंग अधिकारी नहीं थे, बल्कि सरकारी अफसर बनकर लोगों को डराकर वसूली कर रहे थे। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा खुद को सरकारी अधिकारी बताकर वसूली करने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है।
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