चरखी दादरी. एवीटी (CIA-2) स्टाफ एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। गांव गोपी निवासी हिमांशु पुत्र सूरजमल ने एवीटी (CIA-2) स्टाफ इंचार्ज सतीश कादयान पर बेरहमी से मारपीट, अवैध हिरासत और थर्ड डिग्री टॉर्चर देने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने पुलिस के उच्च अधिकारियों और ह्यूमन राइट्स आयोग को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, 25 अप्रैल को हिमांशु अपने साथियों के साथ बीजेपी के एक कार्यक्रम में शामिल हुआ था। अगले दिन CIA-1 और अन्य पुलिसकर्मियों ने पूछताछ के नाम पर हिमांशु, संजय, विकास उर्फ पड़व और आशीष को हिरासत में लेकर CIA कार्यालय पहुंचाया। आरोप है कि जांच के बाद भी उन्हें छोड़ने की बजाय AVT (CIA-2) स्टाफ को सौंप दिया गया।

पीड़ितों का आरोप है कि 27 अप्रैल की रात CIA-2 इंचार्ज सतीश कादयान ने उन्हें कपड़े उतरवाकर पूरी रात टॉर्चर किया। पानी तक नहीं दिया गया और लकड़ी के चाखड़े में पैर फंसाकर प्रताड़ित किया गया, जिससे शरीर की नसें प्रभावित हो गईं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि टॉर्चर के दौरान गालियां दी गईं और धमकियां भी दी गईं।

हिमांशु ने दावा किया कि पुलिसकर्मी और कुछ स्थानीय लोगों के बीच हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। 28 अप्रैल को कथित तौर पर अवैध हिरासत से छोड़े जाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। पहले स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराया गया, फिर भिवानी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनका इलाज हिसार के एक अस्पताल में चल रहा है।

पीड़ित के पिता सूरजमल ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव और निजी रंजिश के चलते उनके बेटे को फंसाया गया। उन्होंने कहा कि मामले की शिकायत राज्य पुलिस प्राधिकरण, मानवाधिकार आयोग और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भेजी गई है।

वहीं, इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार पी ने कहा कि शिकायत की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।