संजीव, सोनीपत। गन्नौर में बन रही भारत अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी (आईआईएचएम) के निर्माण कार्य को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। Neha Singh ने शुक्रवार को भारत अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी, गन्नौर का दौरा कर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश दिए।

डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन और सरकार बिना किसी देरी के अंतरराष्ट्रीय मंडी परियोजना को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मंडी निर्माण से जुड़े सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, ताकि परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ सके।

बैठक के दौरान डीसी ने बाल्मीकि आश्रम, हनुमान मंदिर, पीर स्थल और शमशान घाट के स्थानांतरण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा टेहा गांव से जुड़े पानी के मुद्दे को लेकर भी अधिकारियों से रिपोर्ट ली गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शमशान घाट और टेहा गांव से जुड़े मामलों का समाधान प्राथमिकता से किया जाए।

डीसी ने गन्नौर के बीडीपीओ राजेश कुमार को निर्देश देते हुए कहा कि शमशान घाट और वाल्मीकि आश्रम से संबंधित समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हो।

इस दौरान डीसी ने मंडी परिसर में विकसित की जाने वाली सुविधाओं को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंडी में आधुनिक शेड, ट्रांसमिशन लाइन, आवासीय परिसर, ट्रेनिंग सेंटर, लैब, रात्रि ठहराव कक्ष, निर्यात होने वाले उत्पादों के लिए अलग शेड, फायर स्टेशन, टैक्सी स्टैंड और 132 केवी स्टेशन सहित सभी मूलभूत सुविधाएं तय मानकों के अनुसार विकसित की जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए। डीसी ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के किसानों और बागवानी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके शुरू होने से किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी।

बैठक में एसडीएम गन्नौर प्रवेश कादियान, तहसीलदार ललिता, एक्सईएन एचएसएएमबी बिजेंद्र सिंह, एक्सईएन ईआईएल राकेश भट्ट, एक्सईएन यूएचबीवीएन प्रवीन गर्ग, एक्सईएन पब्लिक हेल्थ नवीन गोयत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।