मुजफ्फरपुर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमाम ने पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल और बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुजफ्फरपुर दौरे पर आए इमाम ने जहां एक ओर भाजपा की चुनावी कार्यशैली पर प्रहार किया, वहीं दूसरी ओर एक मासूम बच्ची की मौत के मामले में पुलिसिया सुस्ती पर भी सवाल खड़े किए।

​लोकतंत्र के लिए खतरा है ‘दबाव की राजनीति’

​पश्चिम बंगाल चुनाव के अनुभवों को साझा करते हुए अख्तरुल इमाम ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई चुनाव देखे हैं, लेकिन बंगाल जैसा चुनाव कभी नहीं देखा। उन्होंने भाजपा पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने सत्ता हासिल करने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं और एजेंसियों का जमकर दुरुपयोग किया है। इमाम के अनुसार, जनता ने भाजपा को चुना और सरकार बनी, इस पर आपत्ति नहीं है, लेकिन जिस तरह का भय और दबाव का माहौल बनाया गया, वह लोकतंत्र के भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निष्पक्ष चुनाव ही लोकतंत्र की नींव है, जिसे कमजोर किया जा रहा है।

​मुजफ्फरपुर एसएसपी से मुलाकात

​राजनीतिक चर्चा के अलावा, इमाम का मुख्य ध्यान सरैया थाना क्षेत्र में हुई एक मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले पर था। एआईएमआईएम का एक प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे को लेकर मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा से मिला। इमाम ने पुलिस जांच की गति पर असंतोष जताते हुए इसे प्रशासन की बड़ी लापरवाही करार दिया।

​दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी

​अख्तरुल इमाम ने कहा कि मासूम की मौत एक शर्मनाक घटना है, लेकिन उससे भी ज्यादा शर्मनाक प्रशासन का ढुलमुल रवैया है। उन्होंने एसएसपी से मांग की कि मामले की जांच कर रहे संबंधित पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए, क्योंकि आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी न होना जांच पर संदेह पैदा करता है। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार के लिए इंसाफ और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग दोहराई, जिस पर एसएसपी ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।