दुर्ग। हिंदू देवी-देवताओं पर कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने के मामले को लेकर शुक्रवार को दोपहर दुर्ग नगर निगम कार्यालय में जमकर हंगामा हो गया। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के पीए गौतम साहू के साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद निगम कार्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया।

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जानकारी के अनुसार, गौतम साहू पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला कर्मचारी को व्हाट्सएप के माध्यम से हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी भेजी थी। इसकी जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में निगम कार्यालय पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने गौतम साहू का विरोध करते हुए उनके साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद पुलिस गौतम साहू को अपने साथ थाना ले गई, जहां मामले में पूछताछ की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 299 के तहत अपराध दर्ज किया है।

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गौतम साहू प्लेसमेंट कर्मचारी के तहत नगर निगम दुर्ग में पदस्थ है। वर्तमान में वह निगम आयुक्त के पीए का कार्य देख रहे हैं। यह पद जितनी जिम्मेदारी का रहता है, उतने ही जवाबदेही का भी है। यही वजह है कि इसके पहले तक इस पद का दायित्व निगम के नियमित कर्मचारी की संभाल रहे थे। हिंदू देवी-देवताओं पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर गौतम साहू को निगम परिसर में बने मंदिर के समीप पकड़ा।

उस समय उसकी कथित रूप से पिटाई की गई। कपड़े भी फट गए। जानकारी के मुताबिक गौतम साहू के पैर तथा कनपटी के पास चोट आई है। जिला अस्पताल में इलाज कराया गया। मारपीट के दौरान निगम के कई कर्मचारी बीच बचाव करने आए और किसी तरह मारपीट नहीं करने अनुरोध किया। कर्मचारियों ने गौतम साहू को पुलिस के हवाले करने कहा, ताकि स्थिति शांत हो जाए।

रिश्वत लेने पर पटवारी निलंबित

दुर्ग। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम को पटवारी पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश के परिपालन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भिलाई – 03 महेश सिंह राजपूत ने तहसील कार्यालय अहिवारा में संलग्न पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर को भूमि के बंटवारे के एवज में पक्षकार से राशि लेने और कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

ज्ञात हो कि सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसकी सत्यता की जांच तहसीलदार अहिवारा द्वारा की गई। जांच के दौरान वायरल वीडियो के परिप्रेक्ष्य में अमन कुमार टंडन, भूमिस्वामी उत्तम टंडन एवं हल्का पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर का कथन दर्ज किया गया। जिसमें पक्षकारों द्वारा भूमि बंटवारा के नाम पर पटवारी को 45,000 रुपये दिया जाना बताया गया।

पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर ने अपने कथन में स्वीकार किया कि उन्होंने पक्षकार की माता से राशि ली थी और वायरल वीडियो में उक्त राशि को वेतन मिलने के बाद वापस करने की बात कही थी। एसडीएम ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम- 03 एवं नियम-14 के विपरीत और कदाचरण की श्रेणी में पाते हुए उक्त कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में पटवारी ठाकुर का मुख्यालय तहसील कार्यालय अहिवारा निर्धारित किया गया है। लेकेश्वर सिंह ठाकुर को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

मवेशी से टकराई बाइक, महिला की मौत

भिलाईनगर/अंडा। अंडा थाना अंतर्गत बीती रात टायर फैक्ट्री डोकीडीह रोड अंडा के पास एक बाइक सड़क पर अचानक आए मवेशी से टकरा गई। हादसे में बाइक में सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जहां उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

थाना अंडा प्रभारी पारस राम ठाकुर ने बताया कि रेखा बाई साहू (42 वर्ष) निवासी उतई अपने बहनोई के साथ बाइक में सवार होकर गुण्डरदेही से उतई वापस लौट रही थीं। इसी दौरान टायर फैक्ट्री डौकीडीह रोड के पास अचानक बाइक के सामने मवेशी आ गया। चालक संभल पाता, उससे पहले ही बाइक मवेशी से जा टकराई और दोनों सवार सड़क पर गिर पड़े। इस हादसे में रेखा बाई साहू को गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए सूचना दी। इसके बाद 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायल महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव का मर्ग पंचनामा कर कार्रवाई की है। इस हादसे के बाद मृतिका के परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं क्षेत्र के लोगों ने सड़क पर आवारा मवेशियों की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

छात्रों की फर्जी संख्या दर्शाकर आरटीई की राशि में हेरफेर का आरोप

दुर्ग। जिले में आरटीई फंड में अनियमितता एवं गबन को लेकर शिकायत की गई है। इस संबंध में निदेशक वी. रामानधा रेड्डी राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दुर्ग कलेक्टर को पत्र भेजा है।

आयोग को ई-बाल निदान पोर्टल पर सुकुमारन से एक शिकायत प्राप्त हुई है। आरटीई अधिनियम अंतर्गत निजी विद्यालयों को प्रदत्त अनुदान में दुर्ग जिले में फर्जी छात्र संख्या दर्शाकर एवं अभिलेखीय हेरफेर के माध्यम से शासकीय धन राशि का व्यापक दुरुपयोग / गबन किए जाने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिससे वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के अधिकारों का हनन हुआ है। शिकायतकर्ता द्वारा प्रकरण के संबंध में ठोस एवं सत्यापनीय साक्ष्य उपलब्ध कराए जाने हेतु जांच में सहयोग की सहमति व्यक्त की गई है, तथापि व्यक्तिगत सुरक्षा के दृष्टिगत उनकी पहचान गोपनीय रखे जाने का अनुरोध किया गया है।

प्रकरण में संबंधित विभाग द्वारा की गई कार्रवाई तथा आयोग को 20 दिनों के भीतर अवगत कराने कहा गया है। पत्र में उल्लेख है कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीपीसीआर) अधिनियम, 2005 की धारा-3 के तहत गठित एक वैधानिक निकाय है। आयोग को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पास्को) अधिनियम, 2012, किशोर न्याय अधिनियम, 2015 तथा निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के उचित और प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करने का कार्य सौंपा गया है।

सीपीसीआर अधिनियम, 2005 की धारा 13 के तहत आयोग को देश में बाल अधिकारों और संबंधित मामलों के रक्षण और संरक्षण के लिए अधिदेशित किया गया है। इसके साथ ही आयोग को सीपीसीआर अधिनियम, 2005 की धारा 14 के तहत धारा 13 (1) (जे) में निर्दिष्ट किसी विषय की जांच करते समय और विशिष्ट विषयों के संबंध में वह सभी शक्तियां प्राप्त हैं, जो सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के अधीन किसी वाद का विचारण करते समय सिविल न्यायालय को होती है।

जागरूक ग्रामीण की तत्परता से धरे गए फर्जी माइनिंग अधिकारी

डोंगरगांव। क्षेत्र में अवैध रूप से शासकीय विभाग के फर्जी अधिकारी और प्रेस रिपोर्टर बनकर अवैध वसूली की आ रही शिकायतों के बीच खनिज विभाग का अधिकारी बताकर एक ग्रामीण से वसूली कर रहे एक महिला और दो पुरुष को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

ग्रामीण को डराकर इन्होंने बाकायदा ऑनलाइन पेमेंट लिया है। इसके अलावा इन तीनों आरोपियों के द्वारा एक लकड़ी गाड़ी और अन्य ट्रैक्टर को भी रोककर वसूली करने की बात सामने आई है। एक जागरूक ग्रामीण की तत्परता व जागरूकता से इन आरोपियों को पकड़ा गया है।

इस संबंध में पुलिस अधिकारी व ट्रेनी आईपीएस आदित्य कुमार ने बताया कि फर्जी माईनिंग अधिकारी बनकर वसूली करने वाले तीन आरोपियों के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही की गई। दिनांक 7 मई 2026 को प्रार्थी रामसिंह राजपूत पिता डेरा सिंह राजपूत निवासी ग्राम दर्री द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि वह ट्रांसपोर्टिंग एवं जेसीबी कार्य का व्यवसाय करता है। प्रार्थी द्वारा ग्राम आमगांव स्थित एक किसान यशवंत साहू के खेत में जेसीबी एवं ट्रैक्टर के माध्यम से खेत मरम्मत एवं मिट्टी समतलीकरण का कार्य कराया जा रहा था।

कार्य के दौरान दोपहर लगभग 3 बजे स्विफ्ट कार क्रमांक सीजी 04पीएन 1413 में सवार तीन व्यक्ति रवि शर्मा, रेहाना बेगम एवं शेख अरमान मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने स्वयं को माईनिंग विभाग का अधिकारी बताते हुए प्रार्थी एवं उसके ड्राइवर तनुज कुमार को अवैध खनन करने का आरोप लगाकर डरा-धमकाया तथा कार्यवाही एवं बदनाम करने की धमकी देकर दस हजार रुपये की मांग की।

भयवश प्रार्थी द्वारा मोबाइल फोन के माध्यम से आरोपी के मोबाइल नंबर पर 6000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद इन पर संदेह होने पर चार हजार रुपए नगद देने की बात कहकर उन्हें पुलिस के आते तक उलझाए रखा. घटना की सूचना थाना डोंगरगांव पुलिस को मिलने के बाद कुमरदा पेट्रोल के पास पंप उक्त स्विफ्ट वाहन में सवार तीनों संदिग्ध रवि शर्मा, रेहाना बेगम एवं शेख अरमान व्यक्तियों को पकड़ लिया गया।

वहीं महिला रेहाना बेगम के द्वारा अपने आपको पत्रकार बताया गया। इस मामले में प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपियों के विरुद्ध थाना डोंगरगांव में बीएनएस की धारा 204, 308 (2) व 3 (5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

जिला अस्पताल में सालों से जमे अधिकारी कर्मचारी का किया गया स्थानांतरण

राजनांदगांव। जिला अस्पताल में सालों से एक ही जगह जमे अधिकारी व कर्मचारियों को सिविल सर्जन महेन्द्र प्रसाद ने इधर से उधर कर दिया है। छह मई को जारी आदेश के बाद उन्हें तीन दिन के अंदर नए पद पर प्रभार लेने के निर्देश दिए गए है।

जीपी उपाध्याय ग्रेड-01 को शिकायत विधानसभा स्थापना से शिकायत समस्त स्थापना की जिम्मेदारी व पी.सी. जेम्स लेखापाल को एम. आर. शाखा, आवास शाखा से स्टेशनरी, कार्यालयीन फर्नीचर व आईटी विधानसभा में पदस्थ किया गया है। इसी तरह सुरेश कुमार मंडलोई लेखापाल स्टीवर्ड / जीवनदीप समिति के सहयोगी के रूप में भूमिका साहू कार्यालयीन सहायक होगी। इसी तरह बसंत साहू लेखापाल को लेखाशाखा व पेंशन, रोकड़बही का कार्य दिया गया है।

एचआर निर्मलकर सहायक ग्रेड दो को स्टेशनरी कार्यलयीन, फर्नीचर व आईटी से एमआर शाखा आवास में पदस्थ किया गया है। दीपक साहू सहायक ग्रेड दो को स्टीवर्ड लीगल से लीगल शाखा सूचना के अधिकार की जिम्मेदारी दी गई है। गौरीशंकर पंचबुध्दे को कैशियर को स्थापना से आवक जावक व जन्म मृत्यु शाखा में पदस्थ किया गया है। इसके आलावा चार डाटा एंट्री आपरेटरों को भी इधर से उधर किया गया है।

जिले के दो दर्जन सूखे गांव में नदी से आएगा पानी, अगले साल काम होगा पूरा

राजनांदगांव। जिले के डोंगरगढ़ और डोंगरगांव ब्लाक के दो दर्जन से अधिक गांव में पीने का पानी पहुंचाने समूह जल योजना शुरू हो गई है। पीएचई विभाग की माने तो मिशन अगले साल पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद जिले का ऐसा गांव जो हर साल सूखे जूझता है, वहां बड़ी आबादी को राहत से मिलेगी।

जानकारी के अनुसार, जिले में ऐसे गांव जहां बोरवेल्स से भी पेयजल की उपलब्ध नही हो पा रही थी। जिसमें डोंगरगढ़ का एलबी नगर 20 गांव को समूह जल प्रदाय योजना और डोंगरगांव माथलडबरी के 12 गांव को समूह जल प्रदाय योजना में रखा गया है। इन गांव में शिवनाथ नदी मोंगरा बैराज से पानी पहुंचाया जाएगा।

अफसरों ने बताया कि मोंगरा बैराज से पानी खिंचने इंकटवेल बनाया जाएगा। इस इंकटवेल के पानी को पास के ही ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। नदी के पानी को पानी लायक बनाने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट से साफ किया जाएगा। इसी तरह एलबी नगर 21 करोड़ 35 लाख 50 हजार और माथलडबरी समूह प्रदाय योजना में 14 करोड़ 61 लाख 54 हजार रूपए रूपए खर्च होगें। दोनो जगह के आसपास करीब 32 गांव में टंकी बनाकर शुध्द पानी भेजा जाएगा। बहरहाल इस प्रोजेक्ट की शुरूआत हो चुकी है। प्रोजेक्ट को 2027 तक पूरा किए जाने की अफसरों ने जानकारी दी है।

जिले के 70 गांव में रहता हैं पेयजल संकट

राजनांदगांव, डोंगरगांव, डोंगरगढ़ को पिछले साल सेमी क्रिटिकल जोन में रखा गया था। लेकिन इस बार छुरिया ब्लाक में भी पेयजल की समस्या सामने आ रही है। पीएचई से प्राप्त जानकारी अनुसार, जिले के धर्मापुर, बांकल, घोड़दा, महरूमखुर्द व द्वारा, एलबी नगर, माथलडबरी सहित करीब 70 गांव में पेयजल की समस्या बनी हुई हैं। जल जीवन मिशन के तहत अधिकतर गांव में टँकी भी बनाई गई हैं, लेकिन इसे अब तक शुरू नही किया गया है। भूजल स्तर नीचे होने के कारण कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. राजनांदगांव जिले के तीन ब्लॉक सेमीक्रिटिकल जोन में हैं, जिसमें राजनांदगांव, डोंगरगढ़ और डोंगरगांव शामिल हैं। इसके साथ ही लगभग 200 हैंडपंप सूखने की कगार पर हैं। 350 फीट नीचे लगभग भूजल स्तर गिर चुका है, इसके कारण पेयजल संकट भी गहरा गया।

जिले के 265 गांव में योजना कंपलीट

पीएचई विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के 304 गांव में अब तक 265 गांव ऐसे हैं जहां मिशन का कार्य कंपलीट हो गया है। जिसमें राजनांदगांव 71 में 75 गांव डोंगरगांव 36 में 34 गांव, डोंगरगढ़ के 93 में 80 गांव और छुरिया के 104 में 76 गांव में काम पूरा हो गया है। इसमें 183 गांव ग्राम पंचायत को हैंडओव्हर भी कर दिया गया है। जिसके बाद मिशन का संचालक ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा। इसमें डोंगरगढ़ और डोंगरगांव के ऐसे गांव जो ड्राई इलाको में शामिल है। वहां नदी से पानी लाने की योजना में उसे शामिल किया गया है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन तक नहीं

राजनांदगांव। राजनांदगांव जिला मुख्यालय में संचालित होने वाले मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अभी भी कार्डियोलॉजिस्ट से लेकर न्यूरो सर्जन चिकित्सक की कमी बताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किडनी स्पेशलिस्ट फॉर थाइरॉईड स्पेशलिस्ट की भी कमी होने के कारण यहां के मरीजों को उपचार के लिए दुर्ग रायपुर सहित अन्य बड़े नगरों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्टाफ नर्स की भी यहां पर काफी कमी बताई जा रही है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक स्टाफ नर्स के सौ पद अभी भी खाली पड़े हुए हैं। ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले में मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने के लिए जिला अस्पताल बसंतपुर से लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की भी व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है। नेशनल हाईवे से लगे पेंड्री क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है।

सन 2014 से मेडिकल कॉलेज अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। जिले का एकमात्र मेडिकल कॉलेज अस्पताल होने के कारण यहां पर उपचार के लिए राजनांदगांव जिले के साथ-साथ वनांचल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहला, मानपुर अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़ छुईखदान तथा गंडई क्षेत्र से सैकड़ो की संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सेटअप के आधार पर अभी तक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी चिकित्सकों की भरपूर व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिसके कारण गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है।

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