कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। एमपी के ग्वालियर में चिटफंड कंपनी PACL के नाम पर ठगी करने वाले जालसाजों पर कानून का डंडा चला है। बैंक एफडी से दोगुना मुनाफा देने का लालच देकर एक बुजुर्ग दंपती से लाखों की ठगी करने वाले एजेंट और कंपनी डायरेक्टर के खिलाफ मुरार थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। खास बात यह है कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई है।

मुनाफे का लालच देकर बनाया ठगी का शिकार

ठगी की यह कहानी ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र की है। यहां चिक संतर निवासी 56 वर्षीय रेखा शर्मा और उनके पति रामकिशन शर्मा को अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी का शिकार बनाया गया। साल 2014 में इनकी मुलाकात मुकेश अग्रवाल से हुई थी, जिसने खुद को PACL कंपनी का एजेंट बताकर निवेश का झांसा दिया था। एजेंट मुकेश के बहकावे में आकर दंपती ने जनवरी 2014 में कुल 2 लाख रुपये का निवेश किया। 

मैच्योरिटी का समय आने पर एजेंट ने बदले रंग

उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि 6 साल बाद यानी 31 जनवरी 2020 को उन्हें 4 लाख 5 हजार 400 रुपये मिलेंगे। लेकिन जब मैच्योरिटी का समय आया, तो एजेंट ने रंग बदल लिया। कभी कंपनी बंद होने तो कभी फंड न होने के बहाने बनाकर पीड़ित दंपती को सालों तक चक्कर कटवाए गए। जब पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, तो पीड़ित ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। 

PACL कंपनी के एजेंट पुलिस की रडार पर

कोर्ट के कड़े रुख के बाद अब मुरार थाना पुलिस ने एजेंट मुकेश अग्रवाल और कंपनी के डायरेक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आपको बता दें कि PACL वही कंपनी है जिस पर सेबी (SEBI) ने साल 2014 में ही रोक लगा दी थी, इसके बावजूद एजेंटों ने मासूम लोगों को चूना लगाना जारी रखा। देशभर में हजारों करोड़ का चूना लगाने वाली PACL कंपनी के एजेंट अब भी पुलिस की रडार पर हैं। CSP अतुल सोनी का कहना है कि जल्द ही आरोपियों से पूछताछ कर अन्य पीड़ितों का भी पता लगाया जाएगा।

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