परवेज खान ,यमुनानगर। हथिनीकुंड बैराज पर चल रहे लगभग 146 करोड़ रुपये की डायाफ्राम वॉल परियोजना का शुक्रवार को Central Water Commission की उच्चस्तरीय टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित इंजीनियरों से तकनीकी जानकारी ली तथा साइट पर उपयोग हो रही सामग्री, मशीनरी और निर्माण प्रक्रिया का बारीकी से आकलन किया।

यह डायाफ्राम वॉल परियोजना यमुना नदी के बहाव को नियंत्रित करने और हथिनीकुंड बैराज की नींव को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह दीवार पानी के रिसाव को रोकने और बैराज की संरचनात्मक सुरक्षा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

क्षेत्रीय जल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण परियोजना

अधिकारियों ने बताया कि हथिनीकुंड बैराज से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों को जल आपूर्ति होती है, ऐसे में इसकी मजबूती और सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। इस परियोजना को क्षेत्रीय जल प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

समय पर पूरा करने के निर्देश

परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने बताया कि कार्य को आधुनिक तकनीक की मदद से तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। टीम ने गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के अंत में Central Water Commission की टीम ने कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुसार जारी रखने को कहा।

इस मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर मौजूद रहे, जिन्होंने परियोजना की तकनीकी स्थिति और जल प्रबंधन व्यवस्था की जानकारी साझा की।