किशनगंज। जिले में पुलिस महकमे के भीतर अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) ने एक कड़ा संदेश दिया है। पिछले तीन महीनों की कार्यप्रणाली की समीक्षा के बाद, विभाग ने लापरवाही और गलत आचरण के दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों पर बड़ी गाज गिराई है, वहीं बेहतर काम करने वालों की पीठ भी थपथपाई है।

​लापरवाही पर सख्त रुख: 12 सस्पेंड, 38 की सैलरी रुकी

​एसपी द्वारा की गई इस बड़ी विभागीय कार्रवाई में कुल 12 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सस्पेंड होने वालों की फेहरिस्त में केवल निचले स्तर के कर्मी ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी भी शामिल हैं। इनमें 4 थानाध्यक्ष, 3 पुलिस अवर निरीक्षक (SI), 2 सिपाही, 2 चौकीदार और 1 परिचारी शामिल हैं।
​इन कर्मियों पर वरीय अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी करने, ड्यूटी में लापरवाही बरतने, मनमाने ढंग से कार्य करने और घोर अनुशासनहीनता जैसे गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। इसके अलावा, विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए 38 पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है और 9 अन्य को विभिन्न श्रेणियों में दंडित किया गया है।

​बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पुरस्कारों की बौछार

​एक तरफ जहां लापरवाहों को दंड मिला, वहीं दूसरी ओर कर्तव्यनिष्ठ जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए एसपी ने दिल खोलकर सराहना की। जिले के 194 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत किया गया है। इनमें पुलिस निरीक्षक से लेकर होमगार्ड के जवान तक शामिल हैं।
​इन जवानों ने केसों के त्वरित निष्पादन, सुपर पेट्रोलिंग, विधि-व्यवस्था बनाए रखने और सफल छापेमारी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। प्रोत्साहन के रूप में कुल 1,21,650 रुपये की नकद राशि और 103 ‘सुसेवांक’ प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

​आम जनता से सहयोग की अपील

​एसपी ने जिले की जनता से पुलिस तंत्र को साफ-सुथरा बनाने में मदद मांगी है। उन्होंने अपील की है कि यदि कोई भी पुलिसकर्मी किसी अनुचित कार्य या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो नागरिक उसका वीडियो या ऑडियो साक्ष्य एसपी कार्यालय को भेज सकते हैं। पुलिस अधीक्षक ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दोषी कर्मियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।