इमरान खान, खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा में शनिवार को राजनीतिक पारा उस समय चढ़ गया जब कांग्रेस और बीजेपी के दिग्गज नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। यह तकरार केवल नीतियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ‘रसोइया बदलने’ और ‘नेतृत्व के फ्यूज’ होने जैसे निजी कटाक्षों तक पहुंच गई।
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कांग्रेस का आरोप: ‘SIR प्रक्रियाओं से लोकतंत्र को खतरा’
दरअसल खंडवा में कांग्रेस की समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमे संगठन के सृजन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। इस दौरान बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि देश में गैर संवैधानिक तरीके से काम हो रहा है। जिसकी वजह केंद्र सरकार है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को वोट देने का संवैधानिक अधिकार है लेकिन SIR जैसी प्रक्रियाओं के जरिए लोगों को इससे वंचित किया जा रहा है।
बीजेपी का तंज: ‘रोटी जल रही है तो रसोइया बदलो’
कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी के इंदौर संभाग प्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने पलटवार करने में देर नहीं की। जिला प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने पहुंचे शर्मा ने कांग्रेस की हार का मजाक उड़ाते हुए कहा रोटी जल रही है तो तवा बदल रहे हैं, आटा बदल रहे हैं, चूल्हा बदल रहे हैं। लेकिन जरूरत रसोईया बदलने की है। शर्मा ने कांग्रेस नेतृत्व को फ्यूज बताते हुए कहा कि बंगाल, तमिलनाडु, बिहार और उत्तरप्रदेश में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है। उन्होंने यह भी कहा कि गलती से केरल नहीं जीतते तो यह कांग्रेस की 100वीं हार होती।
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सियासी मायने
खंडवा में एक ही दिन दोनों पार्टियों के बड़े कार्यक्रमों ने आगामी चुनावी तैयारियों की सुगबुगाहट तेज कर दी है। जहां कांग्रेस संगठन को फिर से जीवित करने के लिए ‘रणनीति’ पर चर्चा कर रही है, वहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं को ‘संगठनात्मक गुर’ सिखाकर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।

