लखनऊ. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रेसवार्ता की. जिसमें उन्होंने कहा कि एजेंसियों को लगाकर सपा समर्थकों के वोट काटे जा रहे हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि सुनने में आया है कि स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ की जा सकती है तो ईवीएम में छेड़छाड़ क्यों नहीं हो सकती. शिकायत करने पर चुनाव आयोग कार्रवाई नहीं करता. वर्ष 2022 में भी वोट काटे गए थे और अब उसी काम के विस्तार के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लेकर आए हैं. एसआईआर के बाद जो मतदाता सूची आई है, उसमें भी बड़े पैमाने पर डबल, ट्रिपल और मृतकों के वोट हैं.

अखिलेश ने एक्स पर भी लिखा कि ‘गंभीर सवाल ये है कि SIR में ऐसा कौन सा सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल किया जा रहा है जो एक ही नाम के ‘पिता-पुत्र’ या ‘पिता-पुत्री’ के कई बार के दोहराव को ही नहीं पकड़ पा रहा है. आज हमने अपनी प्रेस वार्ता में लगभग सभी विधानसभाओं में हो रही इस धांधली के सबूत पेश किए, जिसमें इस तरह के नाम 4-4 बार दोहराए गए हैं. साथ ही एक सवाल ये भी है कि जो लोग अब जीवित नहीं हैं, उनका नाम अभी भी वोटर लिस्ट में क्यों है. लगता है इन ‘दिवंगत वोटरों’ के बल पर सत्ताधारी अपनी मरणासन्न सरकार को पुनर्जीवित करने की साज़िश रच रहे हैं.’

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अखिलेश ने आगे लिखा कि ‘उप्र की जनता कह रही है कि लगता है कि भाजपा के पक्ष में झुका SIR का ‘कुछ ज़्यादा ही स्मार्ट सॉफ़्टवेयर’ भी शायद उसी कंपनी ने बनाया है, जिसने बढ़ा-चढ़ा के मनमानी रीडिंग देने वाले ‘स्मार्ट मीटर’ बनाएं हैं. उनका हाल तो जनता ने बेहाल कर दिया है, लगता है अब अगली नंबर इस सॉफ़्टवेयर का है. ये मामला भी मुनाफ़ाख़ोरों और कमीशनख़ोरों के बीच का सौदा लगता है.’

अखिलेश ने लिखा कि एसआईआर का क्या फायदा हुआ? उन्होंने कहा कि सपा अपने स्तर पर पूरे प्रदेश में मतदाता सूची को चेक कर रही है. उन्होंने कहा कि सपा ने लोकसभा चुनाव में भाजपा को ईवीएम से हराया है, फिर भाजपा को ईवीएम से हराकर ईवीएम को हटाने का काम करेंगे. बंगाल में तीन लाख केंद्रीय बल लगाया था, यूपी में 10 लाख फोर्स लगाना पड़ेगा.