नूंह। हरियाणा के नूंह में ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की टनल धंसने के तीन दिन बाद स्थानीय प्रशासन ने सात सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। मंगलवार को एडीसी ज्योति की अध्यक्षता में कमेटी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित लोगों से बातचीत की। निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों से भी घटना के संभावित कारणों की जानकारी ली गई। वहीं, प्रभावित किसानों ने जमीन के आसपास नहीं रहने की बात कहते हुए जमीन अधिग्रहित करने और उचित मुआवजा देने की मांग रखी।

कमेटी को सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उसे यह भी पता लगाना है कि निर्माण कार्य से जुड़ी किसी एजेंसी, ठेकेदार या अधिकारी की ओर से कोई चूक हुई है या नहीं। इसके साथ ही निजी और सार्वजनिक संपत्ति तथा आधारभूत ढांचे को हुए नुकसान का आकलन भी किया जाएगा।

सात सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

प्रशासन की ओर से गठित कमेटी में तावड़ के एसडीएम, डीएसपी, नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन और हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HRIDC) के डिप्टी जनरल मैनेजर पंकज सोनी को सदस्य बनाया गया है। कमेटी की अध्यक्षता एडीसी ज्योति कर रही हैं।

कमेटी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी। अगर किसी स्तर पर चूक सामने आती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। टनल धंसने से संपत्ति और सार्वजनिक व निजी आधारभूत ढांचे को हुए नुकसान का आकलन भी जांच का हिस्सा होगा।

निर्माण एजेंसियों से मांगी जानकारी

मंगलवार को एडीसी ज्योति ने कमेटी के सदस्यों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर लिमिटेड, रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और टनल का निर्माण कर रही एजेंसी ड्रिलकोन के अधिकारियों से जानकारी ली गई।

कमेटी ने परियोजना की ड्राइंग देखी और संबंधित दस्तावेज हासिल किए। आरवीएनएल के प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज राणा ने हादसे से जुड़ा विस्तृत ब्यौरा दिया। टनल धंसने के संभावित कारणों की जांच की जा रही है।

किसानों ने जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की मांग की

निरीक्षण के दौरान कमेटी ने प्रभावित लोगों से बातचीत की। किसानों ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि वे अब इस जमीन के आसपास भी नहीं रहना चाहते। उन्होंने जमीन अधिग्रहित करने और उचित मुआवजा देने की मांग की।

किसानों की मांग और प्रभावित संपत्ति को हुए नुकसान से जुड़े पहलुओं पर अब प्रशासनिक जांच में विचार किया जाएगा। कमेटी की रिपोर्ट से घटना के कारणों, संभावित चूक और नुकसान के आकलन से जुड़े तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

शनिवार देर रात धंसी थी करीब 500 मीटर लंबी टनल

गांव सहसोला पाटूका में शनिवार देर रात ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की करीब 500 मीटर लंबी टनल धंस गई थी। घटना के बाद अब प्रशासन ने जांच कमेटी गठित कर निर्माण से जुड़ी एजेंसियों से जानकारी जुटानी शुरू की है। कमेटी को सात दिन में अपनी रिपोर्ट देनी है।

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