पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद। गरियाबंद में हुए अश्लील डांस आयोजन में जिला पंचायत अध्यक्ष की मौजूदगी का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हड़कंप मच गया है. इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप ने ग्रामीणों के साथ देवभोग थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है. उनका आरोप है कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत सीनापाली के एक पारिवारिक कार्यक्रम के वीडियो को उरमाल के अश्लील आयोजन के साथ ‘एडिट’ कर उनकी छवि धूमिल की जा रही है. अध्यक्ष ने इस कृत्य के लिए जिम्मेदार यू-ट्यूबर्स और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. गौरी शंकर कश्यप ने खुद को निर्दोष बताते हुए यहा तक कह दिया कि यदि आरोप सिद्ध हुए तो वे अपने पद से त्यागपत्र दे देंगे.


क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पिछले दिनों गरियाबंद में आयोजित एक ओपेरा आयोजन के नाम पर अश्लील डांस का मामला सामने आया था. आरोप है कि कुछ यूट्यूब चैनलों ने जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप और जनपद उपाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल का एक पुराना वीडियो अश्लील डांस आयोजन के साथ जोड़कर वायरल कर दिया. वीडियो में दावा किया गया कि जनप्रतिनिधि निलंबित एसडीएम के साथ बैठकर अश्लील डांस देख रहे थे और मामला दबाने के एवज में 2 लाख रुपये की मांग की गई थी.

ग्रामीणों ने थाने का किया घेराव
वायरल वीडियो मामले में आज सीनापाली गांव के 50 से अधिक ग्रामीण और उपसरपंच कौशिक नायक आज देवभोग थाना पहुंचे और भ्रामक वीडियो बनाकर वायरल करने वाले पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है
ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि 17 दिसंबर को सीनापाली के ओपेरा में अतिथि के तौर पर आए थे, जहां कोई अश्लीलता नहीं थी. सीनापाली के वीडियो को उरमाल के अश्लील आयोजन के साथ मिक्स और एडिट कर समाज में भ्रांति फैलाई जा रही है.
“आरोप सिद्ध हुए तो पद छोड़ दूंगा” – जिला पंचायत अध्यक्ष
मीडिया से चर्चा करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप भावुक और आक्रोशित नजर आए. उन्होंने कहा- “मैं संघ के आदर्शों पर चलने वाला व्यक्ति हूं और आज अपने चरित्र के कारण ही इस मुकाम पर हूं. मुझ पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं. यदि ये सिद्ध हो जाते हैं, तो मैं तत्काल पद त्याग दूंगा.”
उन्होंने सीधे तौर पर निलंबित एसडीएम तुलसीदास मरकाम और एक बर्खास्त शिक्षाकर्मी पर साजिश रचने का आरोप लगाया. कश्यप ने कलेक्टर से सवाल किया कि आखिर एक निलंबित अधिकारी अब भी सरकारी आवास में रहकर काम कैसे प्रभावित कर रहा है? उन्होंने एसडीएम के कार्यकाल के दौरान हुए राजस्व फैसलों और रेड क्रॉस के नाम पर हुई उगाही की जांच कर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है.
पुलिस की जांच शुरू
देवभोग थाना प्रभारी फैजुल हुदा शाह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि शिकायत पत्र प्राप्त हो गया है. संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी. वायरल हो रहे डिजिटल कंटेंट और वीडियो की तकनीकी जांच (Forensic Analysis) की जाएगी. अपराध की पुष्टि होने पर उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में एफआईआर दर्ज कर उचित वैधानिक कार्यवाही की जाएगी.
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