चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के खडूर साहिब से विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा उन्हें सुनाई गई 4 साल की सजा के फैसले को रद्द कर दिया है। अदालत ने यह फैसला पीड़ित पक्ष और दोषी पक्ष के बीच हुए आपसी समझौते के आधार पर सुनाया है, जिसके बाद विधायक लालपुरा समेत अन्य आरोपियों को मामले से बरी कर दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 4 मार्च 2013 का है। उस समय टैक्सी चालक रहे मनजिंदर सिंह लालपुरा पर आरोप था कि उन्होंने गांव उसमा की एक युवती (हरबिंदर कौर), जो अपने पिता और परिवार के साथ एक शादी समारोह में जा रही थी, के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की। विरोध करने पर मारपीट की गई थी।
इस घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा युवती और उसके परिवार के साथ बीच सड़क पर मारपीट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस वीडियो के कारण मामला काफी गरमा गया था और कोर्ट ने खुद इसका संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दिए थे।

निचली अदालत ने सुनाई थी सजा
इसी मामले में कार्रवाई करते हुए एडिशनल सेशन जज प्रेम कुमार की अदालत ने 10 सितंबर को मनजिंदर सिंह लालपुरा और अन्य को दोषी करार दिया था। निचली अदालत ने उन्हें 4 साल की कैद की सजा सुनाते हुए हिरासत में लेने के आदेश दिए थे।
हाईकोर्ट में समझौते के बाद मिली राहत
निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए मामला हाईकोर्ट पहुंचा। अब, दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौते की बात सामने आने के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने सजा के फैसले को निरस्त कर दिया है। इस फैसले से ‘आप’ विधायक को बड़ी कानूनी राहत मिली है।
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