बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) ने चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में दिल्ली हाई कोर्ट(Delhi High Court) के आदेश के बाद तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। अदालत से राहत न मिलने के बाद अभिनेता ने तय समयसीमा के भीतर आत्मसमर्पण किया। जानकारी के मुताबिक, राजपाल यादव ने सरेंडर की समय-सीमा बढ़ाने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने उनका अनुरोध खारिज कर दिया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। यह मामला वित्तीय लेनदेन और चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसमें निचली अदालत द्वारा पहले ही सजा सुनाई जा चुकी थी। हाई कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए सजा पर रोक नहीं लगाई।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने दलील दी कि अभिनेता ने 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया है और शेष औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए एक हफ्ते का अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि भुगतान किया जा सके। हालांकि, अदालत इस दलील से सहमत नहीं हुई। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने स्पष्ट कहा कि पहले सरेंडर करना होगा, तभी याचिका पर विचार किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि अब तक जो भी राहत दी गई थी, वह अभिनेता की ओर से बार-बार दिए गए आश्वासनों के आधार पर दी गई थी। अदालत ने साफ संकेत दिया कि केवल भुगतान का आश्वासन पर्याप्त नहीं है और कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। इसके बाद अभिनेता ने अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए तय समयसीमा में आत्मसमर्पण कर दिया।

6 महीने जेल की सजा

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव और उनकी पत्नी से जुड़ा चेक बाउंस का यह मामला कई वर्षों से अदालतों में चल रहा है। यह केस उन याचिकाओं से संबंधित है, जिनमें दंपति ने चेक बाउंस के अपराध में मिली सजा को चुनौती दी थी। इस मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने साल 2018 में राजपाल यादव को दोषी करार देते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। उनकी पत्नी को भी इसी मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद अभिनेता ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपर कोर्ट का रुख किया।

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की सजा पर अस्थायी रोक लगाई थी, लेकिन यह राहत एक अहम शर्त के साथ दी गई थी। अदालत ने कहा था कि अभिनेता शिकायतकर्ता के साथ समझौते के तहत आगे बढ़ेंगे और भुगतान सुनिश्चित करेंगे।

हालांकि, समय-सीमा के भीतर शर्तों का पालन न होने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। हालिया सुनवाई में हाई कोर्ट ने साफ किया कि पहले दी गई राहत बार-बार दिए गए आश्वासनों के आधार पर थी और अब और समय नहीं दिया जा सकता। इसके बाद अभिनेता को पहले सरेंडर करने का आदेश दिया गया। यह मामला दिल्ली की कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसने राजपाल यादव की कंपनी को फिल्म निर्माण के लिए धनराशि दी थी। इसी लेनदेन के दौरान चेक बाउंस का मामला सामने आया था।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m