नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने अडानी ग्रुप को बड़ी राहत मिली है. पीठ ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के साथ ही करीब 14,535 करोड़ की यह डील अब आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है, जिसे रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए अहम माना जा रहा है. 14,535 करोड़ की इस डील से रियल एस्टेट में बड़ा बदलाव हुआ है.
इस डील के तहत अडानी ग्रुप करीब 14,535 करोड़ में JAL की प्रमुख संपत्तियां खरीदेगा, जिसे नोएडा और आसपास के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है.
डील की प्रमुख बातें
3,985 एकड़ प्राइम जमीन
(Jaypee Greens, Wish Town, International Sports City और F1 ट्रैक शामिल)
MP और UP में 4 सीमेंट प्लांट
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(कुल क्षमता 6.5 MTPA)
NCR, आगरा और मसूरी में 5 प्रीमियम होटल
Jaiprakash Power में 24% हिस्सेदारी
यमुना एक्सप्रेसवे में हिस्सेदारी
पांच प्रीमियम होटल अडानी ग्रुप के पास
डील के तहत एनसीआर, आगरा और मसूरी में स्थित पांच प्रीमियम होटल भी अडानी ग्रुप के पास आएंगे, जिससे कंपनी की हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी उपस्थिति बढ़ेगी. साथ ही जयप्रकाश पावर वेंचर्स में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी और यमुना एक्सप्रेसवे में भी भागीदारी इस सौदे का अहम हिस्सा है. NCLT की मंजूरी के बाद अब अडानी ग्रुप के लिए इस डील को लागू करना आसान हो गया है, जिससे आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
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