Business Desk :- अडानी ग्रुप की कंपनी Adani Power के शेयर में करीब 2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इस तेजी के साथ कंपनी के शेयर ने 205.43 रुपए का इंट्राडे हाई छुआ। शेयर में यह उछाल कंपनी के भूटान की सरकारी कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DGPC) के साथ हुए नए समझौते के बाद आया है।

अडानी पावर और DGPC मिलकर भूटान में 770 मेगावाट का चामखरछू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट विकसित करेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए दोनों कंपनियों ने शेयरधारक समझौते (SHA) पर हस्ताक्षर किए हैं।

सरकारी कंपनी के साथ समझौता

अडानी पावर ने भूटान की सरकारी स्वामित्व वाली ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन के साथ 770 मेगावाट के चामखरछू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए शेयरधारक समझौता किया है।

यह प्रोजेक्ट भूटान के झेमगांग जिले में चामकर्छू नदी पर विकसित किया जाएगा। इसे पीकिंग रन-ऑफ-रिवर प्रोजेक्ट के तौर पर बनाया जाएगा। यानी बिजली की मांग अधिक होने के समय इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा और इसमें नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह का भी इस्तेमाल होगा।

अडानी पावर की 49%, DGPC की 51% हिस्सेदारी

प्रोजेक्ट के विकास के लिए अडानी पावर और DGPC मिलकर एक नई पब्लिक कंपनी बनाएंगे। इसमें अडानी पावर की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि DGPC के पास 51 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी।

यह प्रोजेक्ट बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर यानी BOT मॉडल पर विकसित किया जाएगा। बिजली उत्पादन शुरू होने की तारीख से प्रोजेक्ट को 30 साल की रियायत मिलेगी।

अडानी-DGPC का दूसरा बड़ा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट

770 मेगावाट का चामखरछू प्रोजेक्ट अडानी पावर और DGPC की साझेदारी में विकसित होने वाला दूसरा बड़ा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट है।

इससे पहले दोनों कंपनियों ने 570 मेगावाट के वांगछू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए सितंबर 2025 में समझौता किया था।

यह प्रोजेक्ट दोनों कंपनियों की भूटान में बड़ी हाइड्रोपावर योजना का हिस्सा है। मई 2025 में अडानी ग्रुप और DGPC ने कुल 5,000 मेगावाट क्षमता की हाइड्रोपावर परियोजनाएं विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे।

2027 में शुरू हो सकता है निर्माण

चामखरछू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य 2027 के पहले छह महीनों में शुरू होने की उम्मीद है। निर्माण शुरू होने के छह साल के भीतर प्रोजेक्ट से बिजली उत्पादन शुरू होने की संभावना है।

इस प्रोजेक्ट से भूटान की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही क्षेत्र के अन्य देशों के साथ ऊर्जा सहयोग को भी बढ़ावा मिल सकता है।

अडानी पावर और भूटान की सरकारी कंपनी के बीच यह समझौता ऐसे समय हुआ है, जब कंपनी के शेयर में करीब 2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली और शेयर ने 205.43 रुपए का इंट्राडे हाई छुआ।