Business Desk- Aditya Birla Capital Share : शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स, निफ्टी 50 और बैंक निफ्टी पर दबाव के बीच आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी Aditya Birla Capital ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। कंपनी का शेयर पिछले एक साल में करीब 30% चढ़ चुका है। इस साल भी इसमें 6% से ज्यादा की तेजी आई है।
इस बीच ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने शेयर पर खरीदारी की सलाह देते हुए 475 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है। बुधवार को शेयर करीब 382 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस भाव के मुकाबले टारगेट प्राइस करीब 24.4% की संभावित तेजी का संकेत देता है। ब्रोकरेज को कंपनी के मार्जिन, लोन कारोबार और मुनाफे में सुधार की उम्मीद है।
Jefferies ने क्यों दी खरीदने की सलाह?
Jefferies का मानना है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने पर Aditya Birla Capital को फायदा मिल सकता है। कंपनी की करीब 70% एसेट्स फ्लोटिंग रेट पर हैं, जबकि उसकी 56% देनदारियां भी फ्लोटिंग रेट से जुड़ी हैं।
इसका मतलब है कि कंपनी के लोन पर मिलने वाले ब्याज और कर्ज जुटाने की लागत में बदलाव अलग-अलग गति से हो सकता है। अगर लोन पर मिलने वाला ब्याज फंडिंग कॉस्ट के मुकाबले तेजी से बढ़ता है, तो कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार हो सकता है।
मार्जिन में सुधार की उम्मीद
Jefferies के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही के बाद Aditya Birla Capital का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 15 बेसिस पॉइंट घटा है। इस दौरान ज्यादा ब्याज वाले अनसिक्योर्ड लोन की हिस्सेदारी 330 बेसिस पॉइंट बढ़ी।
ब्रोकरेज के अनुसार, इसकी एक वजह सिक्योर्ड MSME और होलसेल लोन पर ब्याज दरों में गिरावट रही। कंपनी की करीब 70% लोन बुक इन्हीं कारोबारों से जुड़ी है, जहां बैंकों की ब्याज दरों का ज्यादा असर पड़ता है। हालिया ब्याज दर कटौती के दौरान कंपनी की औसत NBFC यील्ड भी 60 बेसिस पॉइंट घटी।
ब्याज दरें बढ़ने पर कैसे होगा फायदा?
Jefferies को उम्मीद है कि अगर बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो Aditya Birla Capital भी MSME और होलसेल लोन पर ज्यादा ब्याज वसूल सकेगी। इससे कंपनी की कमाई बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, ब्याज दरें बढ़ने पर कंपनी की फंडिंग कॉस्ट भी बढ़ेगी। ब्रोकरेज का अनुमान है कि फ्लोटिंग रेट वाली 56% देनदारियों के कारण इस लागत में बढ़ोतरी धीरे-धीरे हो सकती है। इस अंतर से कंपनी को मार्जिन सुधारने में मदद मिल सकती है।
Jefferies के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 के दौरान कंपनी के NIM में 13 बेसिस पॉइंट का सुधार हो सकता है।
AUM में सालाना 26% ग्रोथ का अनुमान
Jefferies को वित्त वर्ष 2025-26 से 2027-28 के बीच Aditya Birla Capital के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में सालाना 26% ग्रोथ की उम्मीद है। अनसिक्योर्ड कंज्यूमर और MSME लोन, सिक्योर्ड लोन और होलसेल कारोबार कंपनी की ग्रोथ के प्रमुख आधार बन सकते हैं।
कंपनी अगले तीन साल में 1,000 गोल्ड लोन ब्रांच खोलने की योजना बना रही है। इनमें से 200 से 300 ब्रांच वित्त वर्ष 2026-27 में खोली जा सकती हैं। इससे कंपनी की पहुंच बढ़ने और गोल्ड लोन कारोबार को विस्तार मिलने की संभावना है।
इंश्योरेंस कमीशन के नियमों का कम असर
Jefferies के अनुसार, Aditya Birla Capital की कुल कमाई में इंश्योरेंस कमीशन की हिस्सेदारी कम है। वित्त वर्ष 2026-27 के अनुमानित प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में इसका योगदान करीब 3% है।
ऐसे में इंश्योरेंस कमीशन से जुड़े नियम सख्त होने पर कंपनी पर दूसरी कंपनियों के मुकाबले कम असर पड़ सकता है। ब्रोकरेज को कंपनी के लोन रिकवरी और एसेट क्वालिटी स्थिर रहने की भी उम्मीद है।
EPS में 30% ग्रोथ और ROE बढ़ने का अनुमान
Jefferies को वित्त वर्ष 2026-27 से 2027-28 के दौरान Aditya Birla Capital की NBFC यूनिट की प्रति शेयर कमाई यानी EPS में सालाना 30% ग्रोथ की उम्मीद है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) वित्त वर्ष 2025-26 के 13.6% से बढ़कर 2027-28 तक 16.5% हो सकता है। मार्जिन में सुधार, लोन कारोबार की ग्रोथ और मुनाफे में बढ़ोतरी इस अनुमान के प्रमुख आधार हैं।
क्या अभी Aditya Birla Capital के शेयर खरीदने चाहिए?
Jefferies का 475 रुपए का टारगेट प्राइस 382 रुपए के बताए गए भाव से करीब 24.4% संभावित तेजी दर्शाता है। ब्रोकरेज की उम्मीदें कंपनी के मार्जिन में सुधार, AUM ग्रोथ और NBFC कारोबार की कमाई बढ़ने पर आधारित हैं।
हालांकि, यह संभावित रिटर्न है, इसकी गारंटी नहीं। ब्याज दरों में बदलाव, फंडिंग कॉस्ट, लोन की मांग, रिकवरी और बाजार की चाल शेयर के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। निवेश का फैसला लेने से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, मौजूदा वैल्यूएशन और अपने जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध ब्रोकरेज अनुमानों और शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी पर आधारित है। इसे निवेश की सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।

