लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियों को लेकर दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद सुर घाट पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि छठ महापर्व के दौरान घाट पर आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा नहीं होनी चाहिए।

स्वच्छता से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक का निरीक्षण

सुर घाट के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए की जा रही तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ महापर्व लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। ऐसे में घाटों पर आने वाले लोगों की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाट पर साफ-सफाई और रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आवागमन को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं, ताकि पूजा के दौरान किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। दिल्ली सरकार की ओर से छठ पूजा को लेकर घाटों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

दिल्ली में रहने वाले लोग जल्द ही यमुना नदी में क्रूज की सैर का आनंद ले सकेंगे। दिल्ली सरकार छठ पूजा से पहले यमुना सफारी शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को यमुना सफारी का ट्रायल किया और पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। प्रस्तावित योजना के तहत यमुना में क्रूज की सैर के लिए 500 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं, जबकि प्रवेश शुल्क 50 रुपये से शुरू होने की संभावना है।

सोनिया विहार से शनि मंदिर तक चलेगा क्रूज

प्रस्तावित योजना के मुताबिक, क्रूज सोनिया विहार से रवाना होकर जगतपुर स्थित शनि मंदिर तक जाएगा और वहां से वापस लौटेगा। इस यात्रा की कुल दूरी करीब छह किलोमीटर होगी। इसे पूरा करने में लगभग 35 से 45 मिनट लगने की उम्मीद है। यमुना सफारी शुरू होने से दिल्ली में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ लोगों को नदी के किनारे प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने का अवसर मिल सकता है।

एक बार में 30 यात्री कर सकेंगे सफर

यमुना सफारी के लिए तैयार किए जा रहे क्रूज में एक बार में 30 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रस्तावित रूट के अनुसार, क्रूज सोनिया विहार से जगतपुर स्थित शनि मंदिर तक जाएगा और फिर वापस लौटेगा। करीब छह किलोमीटर की इस यात्रा को पूरा करने में 35 से 45 मिनट लगने की उम्मीद है। क्रूज का ट्रायल करीब एक सप्ताह तक चल सकता है। इसके बाद जरूरी तैयारियां पूरी करके नवंबर की शुरुआत में सेवा शुरू करने की योजना है। हालांकि, इसकी औपचारिक शुरुआत की तारीख और टिकट की अंतिम दरें अभी घोषित नहीं की गई हैं।

म्यूजिकल फाउंटेन से फूड पार्क तक की सुविधा

यमुना सफारी परियोजना के तहत क्रूज यात्रा के अलावा पर्यटकों के मनोरंजन और खानपान के लिए भी कई सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इनमें फूड कियोस्क, रेस्टोरेंट, बच्चों के लिए विशेष जोन, म्यूजिकल फाउंटेन, वाटर स्पोर्ट्स और फूड पार्क शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य यमुना के आसपास पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और लोगों को मनोरंजन के नए विकल्प उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

यमुना से दिल्ली का भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव: CM

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली का यमुना नदी से गहरा भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। यमुना सफारी के माध्यम से लोगों को नदी को नए अंदाज में देखने और उसका अनुभव करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ यमुना की सफाई और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन संबंधी गतिविधियों को विकसित करते समय नदी के पर्यावरण का ध्यान रखना जरूरी है। यमुना सफारी परियोजना शुरू होने से दिल्ली में पर्यटन के नए विकल्प विकसित होने की उम्मीद है। क्रूज यात्रा, खानपान और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाएं स्थानीय लोगों के साथ-साथ राजधानी घूमने आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकती हैं।

कई विभागों के बीच समन्वय

कपिल मिश्रा के मुताबिक, यमुना सफारी परियोजना को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न केंद्रीय और दिल्ली सरकार के विभागों के बीच समन्वय किया जा रहा है। इसमें भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC), सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग और दिल्ली जल बोर्ड शामिल हैं। परियोजना का उद्देश्य यमुना नदी के आसपास पर्यटन गतिविधियों को विकसित करना और लोगों को क्रूज यात्रा का नया अनुभव उपलब्ध कराना है।

पर्यावरण मानकों के पालन पर जोर

पर्यटन मंत्री ने कहा कि यमुना सफारी परियोजना में राष्ट्रीय हरित अधिकरण की आवश्यकताओं और पर्यावरण संबंधी मानकों का ध्यान रखा गया है। नदी के आसपास पर्यटन सुविधाएं विकसित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। यमुना सफारी के तहत क्रूज सेवा के अलावा पर्यटकों के लिए खानपान और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे दिल्ली में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्रस्तावित योजना के अनुसार, क्रूज सोनिया विहार से जगतपुर स्थित शनि मंदिर तक जाएगा और फिर वापस लौटेगा। करीब छह किलोमीटर की इस यात्रा में 35 से 45 मिनट लगने की उम्मीद है। क्रूज में एक बार में 30 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी।

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