प्रदीप मालवीय, उज्जैन। आगामी ‘सिंहस्थ महापर्व 2028’ को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन नगर निगम ने शहर के प्रमुख मार्गों को सुगम, चौड़ा और व्यवस्थित बनाने की कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को निगम की रिमूवल टीम ने नीलगंगा क्षेत्र में प्लेटफॉर्म क्रमांक 8 के सामने मुख्य मार्ग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 से 10 अवैध अतिक्रमण और निर्माणों को जमींदोज कर दिया।
सिंहस्थ की पेशवाई का मार्ग
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, नीलगंगा क्षेत्र का यह मुख्य मार्ग धार्मिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। सिंहस्थ की पेशवाई का मार्ग: नीलगंगा तालाब से निकलने वाली विभिन्न अखाड़ों और संतों की ‘पेशवाई’ इसी प्रमुख मार्ग से होकर गुजरती है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और साधु-संतों का आवागमन सुगम रहे, इसके लिए मार्ग में बाधक बन रहे अवैध मकानों, दुकानों और गैरेज को जेसीबी की मदद से हटाया गया है। सड़क किनारे हुए अतिक्रमण के कारण यहां आए दिन यातायात प्रभावित हो रहा था।
पेड़ों का पुनः प्रत्यारोपण
अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान नगर निगम ने पर्यावरण के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया। कार्रवाई की जद में आ रहे दो बड़े पीपल के वृक्षों को काटा नहीं गया, बल्कि निगम की टीम ने वैज्ञानिक तरीके से उनका पुनः प्रत्यारोपण (Tree Transplantation) करते हुए उन्हें सुरक्षित रूप से लोटी स्कूल परिसर में स्थानांतरित कर दिया है।
अभियान लगातार जारी रहेगा
प्रशासन की इस दोहरी कार्रवाई से एक ओर जहां सिंहस्थ के मुख्य मार्गों को चौड़ा और सुगम बनाने का रास्ता साफ हो गया है, वहीं पर्यावरण संरक्षण की इस पहल की शहर में सराहना भी हो रही है। निगम अधिकारियों का कहना है कि सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए शहरभर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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