चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने पत्नी की मौत के बाद पति को सरकारी नौकरी देने का कानून बनाया था. इससे पहले पति की मौत पर पत्नी ही नौकरी की हकदार रहती थी. अब एक अहम फैसला लेते हुए विधुरों को सरकारी नौकरी देने की अधिकतम उम्र 50 साल कर दी गई है.

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वहीं पंजाब में सेवामुक्ति के बाद नौकरी पर रखे कर्मचारियों और अफसरों को हटाने पर CM चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार ने यू-टर्न लिया है. अब 3 नई शर्तें बनाकर उनकी नौकरी बरकरार रखी जा रही है. इससे पहले CM चन्नी ने युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराने का दावा कर सबको हटाने की बात कही थी. हालांकि इसके बाद कर्मचारियों की नाराजगी सामने आई थी. चन्नी सरकार की इन शर्तों में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट, सेंट्रल स्पॉन्सर्ड स्कीम या स्टेट स्कीम और किसी कानून के तहत स्थापित कमीशन में नियुक्ति की बात कही गई है. पंजाब में ज्यादातर सेवामुक्त कर्मचारी इन्हीं स्कीमों के तहत रखे गए हैं.

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पंजाब पुलिस में सेवामुक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को तुरंत रद्द करने को लेकर भी विवाद रहा. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा के हवाले से DGP इकबालप्रीत सहोता को भी इस बारे में पत्र भेजा गया कि वह ऐसे कर्मचारियों और अफसरों को तुरंत हटाएं. इसके बाद बठिंडा में हाल ही में चर्चित DSP गुरजीत रोमाणा को लेकर विवाद हो चुका है. सरकार के आदेश के बावजूद रोमाणा जॉब करते रहे. यहां तक कि उनसे VIP विजिट का काम लिया जाता रहा. हालांकि बाद में विवाद ज्यादा बढ़ने पर सरकार को उन्हें हटाना पड़ा.