आगरा की एक नवविवाहिता ने पति और ससुरालियों पर दहेज मांगने, मानसिक उत्पीड़न और निजी व कंपनी से जुड़े डाटा की चोरी के आरोप लगाए हैं. शिकायत के आधार पर हरीपर्वत पुलिस ने पति समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

आगरा. हरीपर्वत क्षेत्र की एक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के तीन अन्य लोगों के खिलाफ दहेज की मांग, मानसिक उत्पीड़न, मारपीट और निजी डाटा चोरी के आरोप लगाए हैं. शिकायत के आधार पर हरीपर्वत पुलिस ने पति समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

पीड़िता के मुताबिक उसकी शादी 20 अप्रैल 2026 को हुई थी. 18 से 21 अप्रैल के बीच जेआर ग्रैंड रिसोर्ट में डेस्टिनेशन वेडिंग आयोजित की गई थी. विवाहिता का आरोप है कि शादी के दौरान ससुराल पक्ष ने 25 लाख रुपये दहेज की मांग की थी, जिसे उसके पिता ने पूरा किया.

पति पर गंभीर आरोप

नवविवाहिता ने आरोप लगाया कि शादी के बाद पति ने अपनी पिछली प्रेमिका से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए उसके सामने एक आपत्तिजनक मांग रखी. आरोप है कि पति चाहता था कि वह उसके सामने अपने किसी दोस्त के साथ संबंध बनाए.

शिकायत के अनुसार, विवाहिता ने इस मांग का विरोध किया, लेकिन पति उस पर लगातार दबाव बनाता रहा. पीड़िता का कहना है कि इस व्यवहार और ससुराल पक्ष की कथित प्रताड़ना के कारण उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई.

निजी डाटा निकालने का आरोप

विवाहिता ने अपनी ननद पर भी मोबाइल का पासवर्ड डालकर फोन खोलने और उसमें मौजूद निजी तथा कंपनी से संबंधित संवेदनशील डाटा कॉपी करने का आरोप लगाया है.

इसके बाद विवाहिता नौकरी ज्वाइन करने के लिए बेंगलुरु चली गई. आरोप है कि पति वहां पहुंचा और उसके मोबाइल तथा कंपनी के लैपटॉप से निजी बातचीत, कंपनी की गोपनीय जानकारी और सहकर्मियों से संबंधित डाटा अपने मोबाइल में सुरक्षित कर लिया. शिकायत में यह भी कहा गया है कि पति ने व्हाट्सऐप चैट डिलीट कर दी.

पीड़िता का आरोप है कि इस डाटा के आधार पर उसे बदनाम करने की धमकी भी दी गई.

मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में इलाज

नवविवाहिता ने शिकायत में कहा है कि ससुराल पक्ष की कथित प्रताड़ना के चलते वह मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति में पहुंच गई. उसके मुताबिक 9 जुलाई से आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में उसका इलाज चल रहा है.

पीड़िता ने पुलिस से कथित रूप से चोरी किए गए डाटा को बरामद कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पुलिस आयुक्त से शिकायत के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई.

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिक जांच की जा रही है.