आगरा. नकली और संदिग्ध दवाओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच मंगलवार (30 सितंबर 2026) को औषधि विभाग की टीम ने धनौली में एक खंडहरनुमा मकान पर छापा मारा. मलपुरा थाना क्षेत्र में मदर आरडी स्कूल के पीछे तीन छतरी के पास एक कमरे से करीब दो करोड़ रुपये कीमत की दवाएं बरामद की गईं. मौके पर दवाओं की पैकिंग किए जाने की भी जानकारी मिली. टीम ने एक युवक को पकड़ लिया है. बरामद दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं.
कई महीनों से कमरे में रखी थीं दवाएं
औषधि विभाग को सूचना मिली थी कि कमरे में कई महीनों से बड़ी मात्रा में दवाएं जमा की जा रही हैं. सोमवार रात से टीम ने ठिकाने की निगरानी शुरू की. मंगलवार सुबह करीब नौ बजे दो युवक वहां पहुंचे. एक युवक के कमरे में दाखिल होते ही पुलिस की मदद से टीम ने छापा मार दिया.
तीन जिलों की टीमों ने की जांच
तलाशी में दवाओं से भरी बड़ी संख्या में पेटियां मिलीं. सूचना के बाद लखनऊ मुख्यालय के अधिकारियों को जानकारी दी गई और फिरोजाबाद व हाथरस से भी औषधि विभाग की टीमें पहुंचीं. संयुक्त टीम ने दवाओं की गिनती कर उन्हें कब्जे में लिया. देर शाम तक जांच जारी रही.
केटोरॉल, कार्डेस और एलेग्रा समेत मिलीं कई दवाएं
बरामद माल में केटोरॉल, कार्डेस, एलेग्रा, एलेग्रा-एम, लोसर-एच और जुलरा समेत कई दवाओं की पेटियां शामिल हैं. विभाग अब इनके स्रोत, खरीद-बिक्री और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रहा है. पैकिंग सामग्री और दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं.
पुडुचेरी कनेक्शन की भी पड़ताल
आगरा में पहले सामने आए संदिग्ध दवा नेटवर्क को देखते हुए जांच में पुडुचेरी कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है. पहले की कार्रवाई में पुडुचेरी समेत कई राज्यों से दवा सप्लाई की कड़ियां सामने आने की बात कही गई थी. विभाग यह पता लगा रहा है कि धनौली से बरामद दवाओं का उस नेटवर्क से कोई संबंध है या नहीं. पुलिस के मुताबिक, कमरे का कोई स्पष्ट दावेदार सामने नहीं आया है और किराए पर कमरा लेने में बदले हुए नाम के इस्तेमाल की भी जांच हो रही है.


