एआई समिट प्रोटेस्ट मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के दो और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरधर और कुबेर मीणा के रूप में हुई है। दोनों दिल्ली के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। जांच के दौरान उनकी लोकेशन का पता लगाकर टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पुलिस के मुताबिक, इस केस में अब तक इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के 14 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।इसी बीच इस मामले में दिल्ली और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी देखने को मिली। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की टीम ने बुधवार को शिमला के एक होटल से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के तीन नेताओं को गिरफ्तार किया।

बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की भनक लगते ही हिमाचल प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंच गई और दिल्ली पुलिस की टीम को रोक लिया। इस दौरान दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। हालांकि बाद में स्थिति को संभाल लिया गया।  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पूरे घटनाक्रम पर संबंधित एजेंसियों की नजर बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि शिमला से हिरासत में लिए जाने के बाद तीनों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से दिल्ली पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड हासिल किया। जानकारी के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई के दौरान करीब 18 घंटे तक दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच तनातनी और हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इसके बाद गुरुवार सुबह लगभग पौने 6 बजे दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर रवाना हो गई। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि हिमाचल प्रदेश पुलिस ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। वहीं, हिमाचल प्रदेश पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस बिना पूर्व सूचना के तीन लोगों को पकड़ने पहुंची थी, जिससे विवाद की स्थिति बनी।

फंडिंग एंगल पर पुलिस ने शुरू की जांच

दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस प्रोटेस्ट मामले में अब फंडिंग एंगल से जांच तेज कर दी है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए संसाधनों के लिए जुटाए गए पैसों का स्रोत संदिग्ध हो सकता है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जुटाए गए धन का इस्तेमाल प्रदर्शन में किए जाने की संभावना भी खंगाली जा रही है। इसी सिलसिले में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) से जुड़े गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि बिहार यूथ कांग्रेस के सचिव कृष्णा हरि के अलग-अलग बैंक खातों में 35 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की रकम जमा होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा अन्य आरोपियों के खातों में भी संदिग्ध लेनदेन पाए जाने की बात कही जा रही है।

चुनाव में बचा हुआ फंड तो नहीं

एआई समिट प्रोटेस्ट मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) से जुड़े बैंक खातों को भी स्कैन करना शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच का पहला फोकस बिहार यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं पर रखा गया है, जो प्रदर्शन में शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल बिहार यूथ कांग्रेस नेताओं के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि खातों में जमा पैसा कहीं चुनाव के बाद बचा हुआ फंड तो नहीं था, जिसका इस्तेमाल प्रदर्शन में किया गया हो। फिलहाल पुलिस का कहना है कि बैंक खातों की विस्तृत जांच जारी है। पकड़े गए आरोपियों से खातों में जमा रकम के स्रोत के बारे में पूछताछ की जा रही है, ताकि फंडिंग के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

प्रदर्शन की लॉजिस्टिक्स पर हुए 35 हजार रुपये खर्च

पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की लॉजिस्टिक्स पर करीब 35 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। जांच में सामने आया है कि इस राशि से टी-शर्ट और प्लेकार्ड छपवाए गए थे। इसके अलावा प्रदर्शन के लिए छाते भी तैयार किए गए थे, हालांकि मौके पर उनका इस्तेमाल नहीं पाया गया। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच अब पैसों के स्रोत और फंडिंग से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

क्या है मामला?

20 फरवरी को इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के 11 सदस्यों ने भारत मंडपम में घुसकर एआई समिट के दौरान जोरदार प्रदर्शन किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारी शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाली टी-शर्ट लहरा रहे थे और “पीएम मोदी कॉम्प्रोमाइज्ड” के नारे लगा रहे थे। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने हंगामा जारी रखा। इस घटना से समिट की सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन में व्यवधान उत्पन्न हुआ। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान शुरू किया। जांच के दौरान कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

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