प्रमुख सचिव, वित्त आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में सचिवालय में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत राज्य स्तरीय वायु गुणवत्ता निगरानी समिति की बैठक आयोजित हुई. प्रमुख सचिव ने देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर शहरों में वायु प्रदूषण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
प्रमुख सचिव ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण रैंकिंग में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास करने और स्वच्छता मानकों के अनुरूप समुचित कार्रवाई करने पर जोर दिया. उन्होंने MDDA के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माण स्थलों पर सामग्री को ढकने और नियमित जल छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे धूल जनित प्रदूषण को कम किया जा सके.
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प्रमुख सचिव ने चारधाम यात्रा मार्गों और अस्थायी आश्रय स्थलों पर सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए NGO की सहभागिता मे पैच चिन्ह्ति कर समानांतर प्रणाली से सफाई कार्य संचालित करने और समय-समय पर मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए. उन्होंने कूड़ा एकत्रीकरण के लिए वाहनों में डस्टबिन की व्यवस्था, जन-जागरूकता के लिए ‘क्या करें, क्या न करें’ संबंधी पैम्फलेट चस्पा करने और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 के अनुरूप कूड़े का पृथक्करण ( Segregation) करने के भी निर्देश दिए गए.
सदस्य सचिव, उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. पराग मधुकर धकाते ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण रैंक और वित्तीय वर्ष 2024-25 की प्रगति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि देहरादून में वर्ष 2019-20 की तुलना में वर्ष 2024-25 में पीएम 10 स्तर में 44.27% सुधार दर्ज किया गया है. इसी प्रकार ऋषिकेश में 38.2% एवं काशीपुर में 26.92% सुधार हुआ है. बैठक में काशीपुर में निर्माण एवं विध्वंस (C &D) प्रोसेसिंग प्लांट के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए.
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