चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस को लगातार झटका लग रहा है. पार्टी अंतर्कलह से जूझ रही है. फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था. इधर कांग्रेस से लगातार नेता बीजेपी को ज्वाइन कर रहे हैं. पहले दिग्गज नेता सुनील जाखड़ ने भाजपा ज्वाइन कर ली थी. फिर पूर्व मंत्रियों ने कमल का दामन थामा. अब कांग्रेस से निकाले गए अजैब सिंह रटोल और सत्कार कौर भी भाजपा में शामिल हो गए हैं.

ये भी पढ़ें: पंजाब में बिगड़ता लॉ एंड ऑर्डर: एंटी गैंगस्टर स्टाफ के इंचार्ज बनाए गए शिवदर्शन सिंह, हरसनदीप थाना B डिवीजन के SHO

विधानसभा चुनाव में महज 18 सीटों पर सिमटी कांग्रेस

अजैब सिंह ने दिड़बा सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था. हालांकि वह आम आदमी पार्टी के हरपाल चीमा से चुनाव हार गए थे. सत्कार कौर को इस बार कांग्रेस ने टिकट नहीं दी थी. इस बार 117 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 18 सीट से संतोष करना पड़ा. वहीं 92 सीट पर विजयी होकर आम आदमी पार्टी ने इतिहास रच दिया था. चुनाव में कांग्रेस को गुटबाजी और अंतर्कलह के कारण भारी नुकसान हुआ.

बलबीर सिद्धू, सुंदर शाम अरोड़ा, गुरप्रीत कांगड़ और राजकुमार वेरका भी बीजेपी में शामिल

गौरतलब है कि इससे पहले भी कांग्रेस के 4 पूर्व मंत्री भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिनमें बलबीर सिद्धू, सुंदर शाम अरोड़ा, गुरप्रीत कांगड़ और राजकुमार वेरका शामिल हैं. सुनील जाखड़ पंजाब के दिग्गज हिंदू नेता हैं. उन्होंने कांग्रेस छोड़ी और भाजपा में शामिल हुए, तब से लगातार कांग्रेस नेताओं का भाजपा में ज्वाइन होने का सिलसिला जारी है. वहीं पिछले साल 2021 में पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था और पंजाब लोक कांग्रेस के नाम से अपनी नई पार्टी बना ली थी.

ये भी पढ़ें: पंजाब के 5 बार के CM रहे प्रकाश सिंह बादल बीमार, PM नरेंद्र मोदी ने लिया हालचाल, जल्द स्वस्थ होने की कामना की

आंतरिक कलह का कांग्रेस को हुआ नुकसान

कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू के साथ उनके आंतरिक मतभेदों ने पार्टी को भारी नुकसान पहुंचाया. चुनाव हारने के बाद सिद्धू से इस्तीफा ले लिया गया था. फिलहाल पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग हैं, लेकिन वे पार्टी को बिखरने से बचाने में नाकाम साबित हुए हैं.