चंडीगढ़. विधानसभा चुनाव का असर अब पंजाब में नजर आने लगा है. शिरोमणि अकाली दल ने आज अहम फैसला लेते हुए यूथ अकाली दल के संगठनात्मक ढांचे का ऐलान कर दिया है. इसकी घोषणा अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने की है. इस घोषणा के बाद अब पार्टी में युवा कार्यकर्ताओं की भी चुनावी तैयारी में अहम भूमिका होगी.
आज पार्टी के मुख्य कार्यालय से इस संबंध में जानकारी देते हुए पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और सचिव डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि जिन 9 युवा नेताओं को यूथ अकाली दल की कोर कमेटी में शामिल किया गया है, उनमें रणजोध सिंह लंबी, अमन सिंह स्वद्दी, रणजीत सिंह कूका लोंगोवाल और सुखपाल सिंह उड़ांग, मलोट के नाम शामिल हैं. इसी तरह वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव, संगठन सचिव के नामों की घोषणा भी की गई है.
वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त
यूथ अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए गए युवा नेताओं में अवतार सिंह जागल बरनाला, जोबनप्रीत सिंह साहनेवाल, अमरिंदर सिंह गोल्डी भदौड़, जसप्रीत सिंह माहला बाघापुराना, मोहम्मद अशरीफ मलेरकोटला, हरमन बल्ल समाना, अमरिंदर सिंह बठिंडा शहरी, दविंदर सिंह कोटबख्तू तलवंडी साबो, हरमनजीत सिंह बराड़ निहाल सिंह वाला, सिमरनजीत सिंह समरा, रविंदर सिंह लाडी जीरा, अमृतपाल सिंह गुरु समराला, सुखबीर सिंह पायल, सरबजीत सिंह लाडी बस्सी पठाना, मनप्रीत सिंह मोनू माजरी पटियाला ग्रामीण, हरसिमरन सिंह बिन्नी खरड़, गगनदीप सिंह ग्रेवाल रामपुरा फूल, गुरप्रीत सिंह घंडा बन्ना रामपुरा फूल, हरजीत सिंह सरपंच करतारपुर, अमृतपाल सिंह कुलार फगवाड़ा, बचित्तर सिंह वड़ैच शतराणा, हरसिमरन सिंह वैराड़ फिरोजपुर ग्रामीण, गुरजोत सिंह सरदूलगढ़, जीवन सुनेत लुधियाना, राजविंदर मांगट लुधियाना, हरिंदर सिंह हनी गरचा लुधियाना, मनमोहन सिंह मनी लुधियाना, सिमर उबराए लुधियाना, कमल अरोड़ा लुधियाना शहरी और सरबजीत सिंह पायल के नाम शामिल हैं।
- IIT बॉम्बे प्रोफेसर दूल्ला से 8 घंटे तक पूछताछ, क्लासमेट समेत करीब 50 लोगों के बयान दर्ज
- Gold Silver Price Today : सोने में फिर तेजी, चांदी 2.35 लाख रुपए किलो के करीब, दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों के रेट
- बार-बार अलार्म बंद करके पांच मिनट और सोने की आदत कहीं बिगाड़ न दे आपकी सेहत? जानिए इसके नुकसान और बचने के उपाय
- Share Market Crash : 9 महीने में 8 कंपनियों की आधी मार्केट वैल्यू साफ, 132 शेयर 25% से ज्यादा टूटे
- दहेज केस में दिल्ली हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, हर असंवेदनशील व्यवहार को क्रूरता नहीं माना जा सकता

