अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना परिसर में हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी के रोहित कुमल्टा ने एनएसयूआइ के अमित बिष्ट को 294 मतों से हराकर अध्यक्ष पद जीता. विश्वविद्यालय बनने के बाद यह पहला मौका है जब एबीवीपी का प्रत्याशी इस पद पर निर्वाचित हुआ, जबकि जिले के कई महाविद्यालयों में पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए.

अल्मोड़ा. सोबन सिंह जीना (SSJ) परिसर में मंगलवार को हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी के रोहित कुमल्टा अध्यक्ष चुने गए. उन्होंने एनएसयूआइ प्रत्याशी अमित बिष्ट को 294 मतों के अंतर से पराजित किया.

इस जीत के साथ एबीवीपी का पांच साल पुराना सूखा खत्म हो गया. विश्वविद्यालय बनने के बाद पहली बार संगठन का कोई प्रत्याशी परिसर में अध्यक्ष पद पर विजयी हुआ है.

अध्यक्ष पद पर एबीवीपी जीती

रोहित कुमल्टा को 1148 मत मिले, जबकि अमित बिष्ट के खाते में 854 वोट आए. इस पद पर आठ मत अवैध रहे और 19 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया.

मुकाबला रोमांचक रहा. देर शाम मतगणना पूरी होने के बाद नतीजे घोषित किए गए.

अन्य पदों के नतीजे

छात्रा उपाध्यक्ष पद पर रश्मि पांडे ने दीपिका बिष्ट को 400 मतों से हराया. रश्मि को 1172 और दीपिका को 772 वोट मिले.

संयुक्त सचिव पद पर सीता चम्याल ने नेहा आर्या को 218 मतों के अंतर से मात दी. सीता को 1054 और नेहा को 836 मत प्राप्त हुए.

सांस्कृतिक सचिव पद पर हिमाली जोशी ने विकास सिंह को 176 मतों से पराजित किया. हिमाली को 1034 और विकास को 858 वोट मिले.

विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर दर्शन जोशी ने मुकेश लटवाल को 250 मतों से हराया. दर्शन को 1096 और मुकेश को 846 मत मिले.

कोषाध्यक्ष पद पर निकिता मेहरा और सचिव पद पर भाष्कर गिरी गोस्वामी निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए. संकाय प्रतिनिधि के रूप में कला से विशाल चन्याल, दृश्य कला से वीरेंद्र जोशी, वाणिज्य से भारतेंदु भाकुनी, विज्ञान से हर्षिता जोशी और विधि से अंकिता भट्ट भी निर्विरोध चुने गए.

संगठनों के लिहाज से देखें तो रश्मि पांडे गोल्डन बायज, भाष्कर गिरी गोस्वामी आर्यन छात्र संगठन, सीता चम्याल उछास और हिमाली यूएसएफ से जुड़ी हैं. निकिता मेहरा और दर्शन जोशी निर्दलीय हैं.

मतदान, सुरक्षा और हंगामा

परिसर में कुल 2997 मतदाता थे, जिनमें से 2028 ने वोट डाला. इस तरह मतदान प्रतिशत 67.7 रहा. सभी पदों को मिलाकर 343 नोटा और 193 अवैध मत दर्ज हुए.

सुबह 10 बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया के दौरान केंद्रों पर छात्र-छात्राओं की भीड़ रही. पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा और जांच के बाद ही विद्यार्थियों को भीतर जाने दिया गया. चुनाव कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा, पर परिसर के बाहर समर्थकों के बीच कई बार कहासुनी और झड़प हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना रहा.

उपाध्यक्ष पद पर सिर्फ एक वोट से हार के बाद समर्थकों ने दोबारा गिनती की मांग की. इस दौरान खूब हंगामा हुआ और पुलिस ने बड़ी मुश्किल से स्थिति संभाली.

जीत पर प्रत्याशियों और समर्थकों ने जश्न मनाया. देर शाम परिसर निदेशक प्रो. जगत सिंह बिष्ट ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

अध्यक्ष पद का पिछला सफर

एसएसजे परिसर में बीते सत्रों के अध्यक्ष इस प्रकार रहे:

  • 2022-23: एनएसयूआइ के पंकज कार्की.
  • 2023-24: निर्दलीय राहुल धामी.
  • 2024-25: चुनाव नहीं हुए और सत्र शून्य घोषित रहा.
  • 2025-26: एनएसयूआइ के लोकेश सुप्याल.
  • इस बार: एबीवीपी के रोहित कुमल्टा.

अन्य महाविद्यालयों में चुनाव

राजकीय महाविद्यालय गरुड़ाबांज में सभी पदों पर छात्राएं निर्विरोध चुनी गईं. अंजना अध्यक्ष, मेघा साह छात्रा उपाध्यक्ष, मनीषा आर्या सचिव, दीपा बिष्ट संयुक्त सचिव, करिश्मा गैड़ा कोषाध्यक्ष और शिवांगी साह विश्वविद्यालय प्रतिनिधि बनीं. सभी एबीवीपी से हैं. प्राचार्य प्रो. प्रणिता नंद ने शपथ दिलाई और प्रमाणपत्र दिए. चुनाव अधिकारी डा. गगनप्रीत सिंह सैनी ने सभी को बधाई दी.

श्रीराम सिंह धौनी राजकीय महाविद्यालय जैंती में कार्यकारिणी निर्विरोध चुनी गई. दिनेश कुमार आर्या अध्यक्ष, हेमा छात्रा उपाध्यक्ष, निशा नेगी कोषाध्यक्ष और मनीष टम्टा विश्वविद्यालय प्रतिनिधि बने. सभी निर्दलीय हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी हेमलता ओली ने शपथ दिलाई. इस मौके पर हेम चंद्र पंत, जाहिर अली आदि मौजूद रहे.

राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में चार में से केवल अध्यक्ष पद पर एकल नामांकन हुआ. इसलिए निर्दलीय हरीश नाथ गोस्वामी अध्यक्ष बने, जबकि तीन पद खाली रह गए.

राजकीय महाविद्यालय लमगड़ा में छात्रसंघ निर्वाचन 2026-27 के तहत तीन पदों पर निर्विरोध चुनाव हुआ. छात्रा उपाध्यक्ष बबीता, कोषाध्यक्ष हिमानी पांडे और संकाय प्रतिनिधि सूरज कुमार चुने गए. तीनों निर्दलीय हैं. प्राचार्य प्रो. एचएस नयाल ने शपथ दिलाई और पदाधिकारियों से महाविद्यालय हित में काम करने तथा विद्यार्थियों से तालमेल रखने को कहा. छात्रसंघ प्रभारी डा. नरेश कुमार गंगवार, प्रो. रोहित कुमार और प्रो. सचिन रस्तोगी आदि भी मौजूद रहे.

डा. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में अध्यक्ष पद पर तानिया मठपाल और सिमरन गोस्वामी के बीच मुकाबला हुआ. कुल 159 वोट पड़े, जिनमें तानिया को 89 और सिमरन को 67 मिले. तीन मत अवैध रहे और तानिया 22 मतों से जीतीं. वे एनएसयूआइ से हैं.

यहां छात्रा उपाध्यक्ष सुषमा, संयुक्त सचिव किरन, कोषाध्यक्ष दीपा नैलवाल और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि बिपिन बिष्ट निर्दलीय के रूप में निर्विरोध चुने गए. सचिव, छात्र उपाध्यक्ष, सांस्कृतिक सचिव और संकाय प्रतिनिधि के पद खाली रहे. प्रभारी प्राचार्य डा. मनप्रीत सिंह ने शपथ दिलाई.

हुकुम सिंह बोरा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोमेश्वर में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी की प्रियंका जोशी ने 30 मतों से जीत दर्ज की. उन्हें 181 और संजना रानी को 151 मत मिले. सचिव पद पर एनएसयूआइ के सचिन कुमार ने 166 वोट पाकर रश्मि भैसोड़ा (153) को 13 मतों से हराया.

संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी की दिया आर्या को 162 मत मिले और उन्होंने गायत्री आर्या (154) को आठ मतों से पराजित किया. इस पद पर सात नोटा और 27 अवैध मत रहे. कोषाध्यक्ष पद पर एबीवीपी की कुमकुम आर्या ने 171 वोट पाकर कुमकुम बाला (151) को 20 मतों से हराया.

एनएसयूआइ के नमन जोशी उपाध्यक्ष और बबिता टम्टा विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर चुने गए. एबीवीपी की तनुजा जोशी उपाध्यक्षा बनीं. यहां कुल 511 मतदाताओं में से 350 ने मतदान किया. प्राचार्य डॉ. एके जोशी ने शपथ दिलाई.

चौखुटिया में यूएसएफ के सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हुए. सरिता जोशी अध्यक्ष, पंकज कुमार उपाध्यक्ष, कंचन आर्या छात्रा उपाध्यक्ष, रजनी सचिव, चंपा बिष्ट संयुक्त सचिव, प्रियंका कोषाध्यक्ष और अंजलि विश्वविद्यालय प्रतिनिधि बनीं.

दन्यां में एबीवीपी के पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए. हेमा जोशी अध्यक्ष, मैंना उपाध्यक्ष, बबीता डसीला सचिव, दीपा आर्या कोषाध्यक्ष और ललिता जोशी विश्वविद्यालय प्रतिनिधि बनीं.