Ambala Shaheedi Smarak : अंबाला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों 5 नवंबर को अंबाला कैंट में राष्ट्रीय शहीदी स्मारक का उद्घाटन होना है। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था के लिए विशेष प्रोटोकॉल तैयार किया है। इसके तहत स्मारक परिसर में केवल चुनिंदा नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकृत अतिथियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। बाकी नेताओं और कार्यकर्ताओं को गांधी मैदान में होने वाली प्रदेशस्तरीय जनसभा में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

शहीदी स्मारक में सीमित लोगों को मिलेगी एंट्री

उद्घाटन समारोह में शामिल होने के इच्छुक सभी नेताओं को स्मारक परिसर में प्रवेश नहीं मिल सकेगा। प्रशासन की ओर से प्रवेश पाने वाले विशिष्ट अतिथियों की सूची तैयार की जा रही है।

जिन नेताओं और जनप्रतिनिधियों के नाम इस सूची में शामिल नहीं होंगे, वे उद्घाटन स्थल के बजाय गांधी मैदान में आयोजित जनसभा में शामिल होंगे। इस तरह स्मारक के उद्घाटन और जनसभा के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है।

मुख्य सचिव कार्यालय तैयार कर रहा अतिथियों की सूची

कार्यक्रम के प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देने में हरियाणा के मुख्य सचिव कार्यालय की अहम भूमिका है। यहां से प्रवेश पाने वाले नेताओं, जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट अतिथियों की सूची तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जा रही है।

गृह मंत्रालय से समन्वय के बाद अंतिम सूची और प्रवेश व्यवस्था तय होगी। अमित शाह की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी कार्यक्रम स्थल पर विशेष सतर्कता बरत रही हैं।

गांधी मैदान में होगी बड़ी जनसभा

शहीदी स्मारक परिसर में सीमित प्रवेश के मुकाबले गांधी मैदान में होने वाली जनसभा का दायरा बड़ा रखा गया है। यहां पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों के पहुंचने की संभावना है।

इसके लिए अलग से मंच, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रशासन का जोर है कि उद्घाटन समारोह और जनसभा दोनों कार्यक्रम तय प्रोटोकॉल के अनुसार संपन्न हों।

800 करोड़ की लागत से बना है भव्य शहीदी स्मारक

अंबाला कैंट में बना राष्ट्रीय शहीदी स्मारक 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों को समर्पित है। करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस स्मारक के निर्माण में हरियाणा के मंत्री अनिल विज की अहम भूमिका रही है।

स्मारक परिसर में 23 विशेष दीर्घाएं बनाई गई हैं। इनमें 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं, वीरों के संघर्ष और बलिदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दिखाया गया है।

यहां 700 से अधिक शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 360 डिग्री प्रोजेक्शन, लेजर शो और साउंड शो जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

उद्घाटन को लेकर अंबाला में बढ़ी हलचल

अमित शाह के दौरे को देखते हुए प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अब सबकी नजरें स्मारक परिसर में प्रवेश पाने वाले विशिष्ट अतिथियों की अंतिम सूची और गांधी मैदान की जनसभा में शामिल होने वाले नेताओं पर टिकी हैं।

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