चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे बड़े धरना-प्रदर्शनों और सुरक्षा कारणों से मेट्रो सेवाएं बाधित होने के चलते व्यापार पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि इन गतिविधियों से व्यापारिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमें दिल्ली के प्रमुख क्षेत्रों में बड़े प्रदर्शनों को नियंत्रित करने और उनके कारण आम लोगों तथा कारोबारियों को होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई है।

CTI की 3 मुख्य मांगें

1. नवरात्रि से दिवाली तक प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग

CTI ने मांग की है कि 11 अक्टूबर से दिवाली तक दिल्ली के प्रमुख क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शनों पर रोक लगाई जाए, ताकि त्योहारों के दौरान कारोबार और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।

2. प्रदर्शनकारियों की संख्या तय करने का सुझाव

संगठन ने जंतर-मंतर और प्रमुख सरकारी व व्यावसायिक क्षेत्रों में 1,000 से अधिक लोगों के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का सुझाव दिया है।

3. स्थायी प्रोटेस्ट जोन बनाने की मांग

CTI ने बाहरी दिल्ली में बुराड़ी या रामलीला मैदान जैसी जगह पर एक स्थायी प्रदर्शन क्षेत्र आवंटित करने की मांग की है। संगठन का सुझाव है कि इससे विरोध-प्रदर्शनों के लिए एक निर्धारित स्थान उपलब्ध होगा और शहर के प्रमुख व्यापारिक इलाकों में होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है।

नवरात्रि से दिवाली तक बड़े प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि और रामलीलाएं शुरू हो रही हैं। इसके बाद दिवाली तक लगातार त्योहार रहेंगे। यह दिल्ली के व्यापारियों के लिए साल का सबसे बड़ा कारोबारी सीजन होता है। उन्होंने कहा कि CTI मांग करता है कि नवरात्रि से दिवाली तक दिल्ली के प्रमुख बाजारों, जंतर-मंतर, संसद मार्ग और लुटियंस दिल्ली में बड़े धरना-प्रदर्शनों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। बृजेश गोयल के मुताबिक, इस मांग का उद्देश्य त्योहारों के दौरान कारोबार को प्रभावित होने से बचाना है। संगठन का कहना है कि इससे दिल्ली के करीब 15 लाख व्यापारियों के त्योहारी कारोबार को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

दिल्ली में तीन दिन में कारोबार 70% तक गिरा, बाजारों में ग्राहकों की भारी कमी

CTI के महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा ने पिछले तीन दिनों में दिल्ली के व्यापार और आवागमन पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता जताई है। उनके मुताबिक, लगातार धरना-प्रदर्शनों, मेट्रो स्टेशनों के बार-बार बंद होने और ट्रैफिक जाम के कारण दिल्ली के कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

कारोबार घटकर 30% रह गया

गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा ने बताया कि पिछले तीन दिनों में दिल्ली का कुल कारोबार घटकर लगभग 30 प्रतिशत रह गया है। यानी कारोबार में करीब 70 प्रतिशत की गिरावट आई है। दिल्ली के बाहर से रोजाना खरीदारी के लिए आने वाले 2 से 3 लाख लोगों की संख्या घटकर महज 40 से 50 हजार रह गई है। वहीं, दिल्ली के स्थानीय ग्राहकों की बाजारों में आवाजाही भी 50 प्रतिशत से अधिक कम हुई है।

मेट्रो बंद होने और जाम से बाजार प्रभावित

CTI पदाधिकारियों के अनुसार, मेट्रो स्टेशनों को बार-बार बंद किए जाने से लोगों को बाजारों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में लगने वाले जाम के कारण भी ग्राहक बाजार आने से बच रहे हैं। संगठन का कहना है कि इन परिस्थितियों का सीधा असर दिल्ली के व्यापार और दुकानदारों की बिक्री पर पड़ रहा है।

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल बोले- नवरात्रि से दिवाली तक धरना-प्रदर्शन पर लगे रोक

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि संगठन लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का पूरा सम्मान करता है। हालांकि, त्योहारों से ठीक पहले जंतर-मंतर और दिल्ली के प्रमुख इलाकों में हजारों लोगों के धरना-प्रदर्शन से राजधानी के करीब 15 लाख व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होता है। बृजेश गोयल ने कहा कि 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि और रामलीलाएं शुरू हो रही हैं। इसके बाद त्योहारों और शादियों का सीजन भी रहेगा। ऐसे में यदि इस दौरान धरना-प्रदर्शन जारी रहे, तो व्यापारियों के त्योहारी कारोबार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि नवरात्रि से दिवाली तक दिल्ली में धरना-प्रदर्शनों पर रोक लगाई जाए, ताकि त्योहारों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बनी रहे और व्यापारियों को नुकसान से बचाया जा सके।

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