मेरठ की एडीजे-12 अदालत ने अमित कश्यप हत्याकांड में उसकी पत्नी रविता कश्यप और अमरदीप को हत्या का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है. जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड सहित कई अहम तथ्य सामने आए थे.

मेरठ. एडीजे-12 अदालत ने अमित कश्यप हत्याकांड में उसकी पत्नी रविता कश्यप और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है. करीब 18 महीने पहले मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र स्थित अकबरपुर सादात गांव में अमित की मौत हुई थी. मामले की सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने दोनों को सजा सुनाई.

बिस्तर पर मिला था शव

अमित कश्यप का शव 13 अप्रैल 2025 की सुबह उसके बिस्तर पर मिला था. शव के पास एक सांप भी मौजूद था, जो अमित की कमर के नीचे दबा हुआ था. उसके शरीर पर सांप के काटने जैसे करीब 10 निशान पाए गए थे. शुरुआत में परिवार को लगा कि उसकी मौत सांप के डसने से हुई है.

परिजनों ने जब शव का पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया, तो रविता ने इसका विरोध किया और परिवार के लोगों से अभद्रता की. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि अमित के शरीर में सांप का जहर नहीं था और उसकी मौत दम घुटने से हुई थी. इसके बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानकर जांच आगे बढ़ाई.

पोस्टमार्टम से खुला राज

जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन की हायॉइड हड्डी और थायरॉइड कार्टिलेज टूटने की बात सामने आई. इससे पुलिस को संदेह हुआ कि अमित की गर्दन को जोर से दबाया गया था.

पुलिस ने रविता के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी जांच की. इसके मुताबिक, वारदात के 24 घंटे के भीतर रविता और अमित के दोस्त अमरदीप के बीच 51 बार फोन पर बातचीत हुई थी. पुलिस की पूछताछ में रविता ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसके अमरदीप के साथ संबंध थे और इस बात को लेकर अमित से विवाद होता था.

संबंधों को लेकर था विवाद

जांच के अनुसार, रविता को आशंका थी कि अमित उनके संबंधों को लेकर दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है. इसी पृष्ठभूमि में पति की हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप सामने आया. पुलिस ने मामले में साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच पूरी की.

अदालत ने सुनाई सजा

शुक्रवार को इस मामले में अदालत के फैसले पर सभी की निगाहें थीं. एडीजे-12 की अदालत ने पहले रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी ठहराया था और सजा पर फैसला सुरक्षित रखा था.

जिला शासकीय अधिवक्ता फरजाना मकसूद ने बताया कि अदालत से इस मामले में फैसले की उम्मीद थी. अदालत ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है.