करनाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को हरियाणा के करनाल में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के जरिए कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। करीब एक किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भागीदारी रही। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने घुसपैठ, एसआईआर और संसद में विपक्ष के रवैये को लेकर कांग्रेस पर तीखे हमले किए।

अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को देश के तीन करोड़ घुसपैठियों की चिंता सता रही है, जबकि भाजपा सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। देश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी इस मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखें। सरकार इस विषय पर संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए भी तैयार है।

राहुल गांधी पर शाह का हमला, बोले- संसद को चर्चा का मंच नहीं बनने देती कांग्रेस

गृह मंत्री ने संसद की कार्यवाही को लेकर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता संसद को सुचारू रूप से चलने नहीं देते। लोकतंत्र में संसद को चर्चा और विचार-विमर्श का सबसे महत्वपूर्ण मंच बताते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस ने हंगामा, बहिष्कार और सदन की कार्यवाही बाधित करने को अपनी राजनीति का हिस्सा बना लिया है।

उन्होंने कहा कि संसद में मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय कांग्रेस सड़क पर भीड़ जुटाकर अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करती है। शाह ने कांग्रेस की राजनीति को तुष्टीकरण और अव्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि अब देश की जनता उसके तौर-तरीकों को समझ चुकी है।

1984 के सिख दंगों का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा

अमित शाह ने कांग्रेस की रैली और उसके लिए चुनी गई तारीख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक नवंबर को अपना कार्यक्रम आयोजित किया, जबकि इसी तारीख से जुड़ा 1984 का सिख नरसंहार देश के इतिहास का एक दर्दनाक अध्याय है। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में सिख समुदाय के लोगों के साथ अत्याचार हुए और हजारों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

‘जनता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के साथ नहीं’

भाजपा की रैलियों में उमड़ रही भीड़ का हवाला देते हुए गृह मंत्री ने दावा किया कि देश की जनता कांग्रेस, राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के साथ नहीं है। उन्होंने कांग्रेस की दिल्ली रैली पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी ने 10 लाख लोगों को जुटाने का दावा किया था, लेकिन मैदान की क्षमता करीब 70 हजार होने के बावजूद वहां आधी जगह भी नहीं भर पाई।

शाह ने कहा कि भाजपा की प्रत्येक रैली में लोगों का उत्साह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्थन साफ दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब जनता का विश्वास खो चुकी है और उसके राजनीतिक आरोपों से लोगों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला।

चुनाव में हार का ठीकरा एसआईआर पर फोड़ रही कांग्रेस: अमित शाह

एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को अपनी हार का अंदेशा है, इसलिए वह चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को निशाना बना रहे हैं।

उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि उन चुनावों में एसआईआर का मुद्दा नहीं था, फिर भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों का जिक्र करते हुए भी शाह ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए।

गृह मंत्री ने राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें एसआईआर पर चर्चा करनी है तो प्रधानमंत्री को पत्र लिखें। सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है।

करनाल के बाद अंबाला में शहीद स्मारक का करेंगे लोकार्पण

करनाल में कार्यक्रम पूरा करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अंबाला छावनी पहुंचेंगे। यहां वह नवनिर्मित शहीद स्मारक का लोकार्पण करेंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

इससे पहले करनाल के सेक्टर-12 मॉल के पास से अमित शाह ने पदयात्रा की शुरुआत की। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। शाह पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ पैदल चलते हुए जनसभा स्थल तक पहुंचे।

हरियाणा दौरे के दौरान अमित शाह के संबोधन में कांग्रेस पर राजनीतिक हमला, घुसपैठियों का मुद्दा और एसआईआर को लेकर सरकार का पक्ष प्रमुखता से सामने आया।