चंडीगढ़, पंजाब। राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा (NGMA) की ओर से 25 दिसंबर से 2 जनवरी 2022 तक चंडीगढ़ में स्क्रॉल की पेंटिंग के लिए कला कुंभ कलाकार कार्यशालाओं के आयोजन के साथ आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. ये उत्सव भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के गुमनाम नायकों की वीरता की कहानियों के प्रतिनिधित्व पर आधारित है. ये राष्ट्रीय गौरव और उत्कृष्टता को व्यक्त करने के माध्यम के रूप में कला की क्षमता का विश्लेषण करते हुए गणतंत्र दिवस समारोह 2022 का एक अभिन्न अंग होंगे.

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चंडीगढ़ में 25 दिसंबर 2021 से 2 जनवरी 2022 तक 75 मीटर के पांच स्क्रॉल और भारत की स्वदेशी कलाओं को चित्रित करने वाले अन्य महत्वपूर्ण चित्रों को तैयार करने के लिए कलाकार कार्यशालाओं के साथ ये समारोह आयोजित किए जा रहे हैं. इसी तरह की कार्यशालाओं का आयोजन देश के अन्य हिस्सों में भी किया जा रहा है. चंडीगढ़ में लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान आदि की वीरता की गाथाओं को कलात्मक अभिव्यक्तियों के साथ दर्शायी जाएंगी. कलाकृतियां विविध कला रूपों का प्रतिबिंब होंगी, जो पारंपरिक और आधुनिक समय का एक अनूठा सम्मिश्रण बनाती हैं. भारत के संविधान में रचनात्मक उदाहरणों से भी प्रेरणा ली जाएगी. देश के विभिन्न स्थानों के लगभग 250 कलाकार भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के गुमनाम नायकों के वीरतापूर्ण जीवन और संघर्षों को चित्रित करेंगे.

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पूरा कार्यक्रम एक सामूहिक शक्ति पर केंद्रित है और राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा दिल्ली ने इस कार्यशाला के लिए चंडीगढ़ में चितकारा विश्वविद्यालय से सहयोग हासिल किया है. आजादी का अमृत महोत्सव प्रगतिशील भारत के 75 साल और इसके लोगों, संस्कृति एवं उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास का उत्सव मनाने के लिए भारत सरकार की एक पहल है. ये भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक पहचान के बारे में प्रगति का चित्रण है. इसका उद्देश्य NGMA के महानिदेशक अद्वैत गडनायक की कलात्मक नजरिए के अनुसार बड़े पैमाने पर स्क्रॉल पर प्रमुखता देना है.