दिल्ली दंगा 2020 का आरोपी उमर खालिद की जमानत अब सिर्फ कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भारत की संप्रभुता से जुड़ा बड़ा विवाद बन गई है. न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी और 8 अमेरिकी सांसदों द्वारा भारत से जुड़ी टिप्पणी के बाद BJP ने सीधा हमला बोला है. बीजेपी का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम भारत को वैश्विक मंच पर बदनाम करने की कोशिश है, जिसमें राहुल गांधी और विदेशी नेटवर्क की भूमिका है. न्यूयॉर्क के नवनियुक्त मेयर जोहरान ममदानी की ओर से जेल में बंद एक्टिविस्ट उमर खालिद के समर्थन के बाद और आठ अमेरिकी सांसदों के भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर खालिद के लिए निष्पक्ष और समयबद्ध सुनवाई की मांग करने के बीच, भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को इसे लेकर गंभीर आरोप लगाए.

BJP ने दावा किया कि अमेरिका की धरती से भारत विरोधी साजिश रची जा रही है, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भूमिका है. बीजेपी ने साल 2024 में राहुल गांधी और अमेरिकी सांसद जेनिस शाकोवस्की की मुलाकात का हवाला देते हुए इसे कांग्रेस नेता के कथित ‘एंटी-इंडिया’ कनेक्शन का सबूत बताया. जेनिस शाकोवस्की उन्हीं सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में गिरफ्तार आरोपी उमर खालिद को जमानत देने की मांग भारत सरकार से की है.

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी, जेनिस शाकोवस्की और भारत विरोधी रुख के लिए जानी जाने वाली इल्हान ओमार की एक फोटो शेयर करते हुए कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय संबंध भारत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने लिखा, ‘जब भी विदेश में भारत विरोधी नैरेटिव फैलाया जाता है, उसके पीछे एक नाम बार-बार सामने आता है- राहुल गांधी. भंडारी ने घटनाक्रम की एक कड़ी गिनाते हुए कहा कि पहले 2024 में राहुल गांधी की मुलाकात हुई, फिर जनवरी 2025 में भारत के खिलाफ कानून लाया गया और अब 2026 में वही सांसद भारत सरकार को पत्र लिखकर उमर खालिद को लेकर चिंता जता रही हैं, जो यूएपीए के तहत गंभीर मामलों में आरोपी है.

सांसदों के पत्र में भारत से, अंतर्राष्ट्रीय नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर समझौते पर हस्ताक्षरकर्ता होने के नाते, “व्यक्तियों के उचित समय के भीतर ट्रायल पाने या रिहा होने के अधिकारों को बनाए रखने का आग्रह किया गया है. जेनिस शाकोवस्की का 30 दिसंबर का पत्र उमर खालिद को जमानत देने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत निष्पक्ष सुनवाई की मांग करता है. इसमें खालिद के सह-आरोपियों के साथ भी उचित व्यवहार की अपील की गई है. उमर खालिद की जमानत याचिका फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसमें जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने पिछले महीने दलीलें पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है.

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