Arun Kumar Gupta HERC Chairman : चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पूर्व प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। 1992 बैच के आईएएस अधिकारी रहे अरुण गुप्ता को हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के फैसले के बाद बिजली विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड ने उनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं।
अरुण गुप्ता 30 सितंबर 2026 को सरकारी सेवा से रिटायर हुए थे। इससे पहले वह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सेवा विस्तार दिए जाने की चर्चा थी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी भेजा था, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिल सकी।
अब राज्य सरकार ने उन्हें एचईआरसी का चेयरमैन बनाकर नई जिम्मेदारी दी है। आयोग के पूर्व चेयरमैन नंदलाल शर्मा के निधन के बाद यह पद खाली हो गया था।
मुख्यमंत्री नायब सैनी के करीबी अधिकारियों में रही है गिनती
अरुण कुमार गुप्ता को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है। सेवानिवृत्ति से पहले वह मुख्यमंत्री के उस प्रतिनिधिमंडल में भी शामिल थे, जिसे सिंगापुर दौरे पर जाना था। हालांकि, रिटायरमेंट के कारण वह इस दौरे में शामिल नहीं हो सके।
सेवा विस्तार का प्रस्ताव मंजूर नहीं होने के बाद अब उन्हें आयोग की कमान सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति को प्रदेश के बिजली क्षेत्र में एक अहम प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
इलेवन पावर का लाइसेंस रद्द करना होगी बड़ी चुनौती
एचईआरसी के नए चेयरमैन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इलेवन पावर लिमिटेड को लेकर लिया जाने वाला फैसला होगा। कंपनी को गुरुग्राम और नूंह में बिजली आपूर्ति के लिए लाइसेंस दिया गया था। इस फैसले का प्रदेश में विरोध हो रहा है।
हरियाणा सरकार के आदेश के बाद आयोग ने कंपनी को लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाई थी, लेकिन पहले से मंजूर लाइसेंस अब तक रद्द नहीं हुआ है। इस मामले में कई दौर की सुनवाई भी हो चुकी है।
ऐसे में अरुण गुप्ता के सामने इस विवाद का समाधान निकालना अहम जिम्मेदारी होगी। उनके फैसले पर बिजली वितरण व्यवस्था और निजी कंपनी को दिए गए लाइसेंस का भविष्य निर्भर करेगा।
पांच साल का होगा कार्यकाल
अरुण कुमार गुप्ता का एचईआरसी चेयरमैन के रूप में कार्यकाल पांच साल या 65 वर्ष की उम्र तक रहेगा। इनमें से जो भी अवधि पहले पूरी होगी, उसी के अनुसार उनका कार्यकाल समाप्त होगा।

