Asaduddin Owaisi On Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में 12 घंटे की चर्चा के बाद बुधवार देर रात पास हो गया। रात 1.56 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बिल के पास होने का ऐलान किया। वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया। 288 ने पक्ष में, 232 ने विपक्ष में वोट डाले। चर्चा के दौरान AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल फाड़ दिया। उन्होंने कहा- इस बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना है। मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं।
बिल पर चर्चा के दौरान ओवैसी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुस्लिमों को उनके धार्मिक अधिकारों से वंचित करना चाहती है। उन्होंने अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार) और अनुच्छेद 26 (धार्मिक संस्थानों के संचालन का अधिकार) का हवाला देते हुए कहा कि इस विधेयक के माध्यम से मुस्लिमों को उनके धार्मिक संस्थानों पर प्रशासनिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख ने कहा कि देश में मुस्लिमों के साथ अन्याय हो रहा है और ये अनुच्छेद 25, 26 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों और मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है। लोकसभा में उन्होंने बिल की कॉपी को फाड़ने की बात कही।
ओवैसी ने कहा, “गांधीजी के सामने जब एक ऐसा कानून लाया गया, जो उनको कबूल नहीं था तो उन्होंने कहा मैं उसे कानून को मानता नहीं हूं, उसको फाड़ता हूं तो मैं भी गांधी जी की तरह इस कानून को फाड़ता हूं। इसके बाद दो पन्नों के बीच जिसमें स्टेपर लगा हुआ था वह अलग-अलग कर दिए।
वक्फ संपत्तियों पर कब्जे की साजिश
ओवैसी ने संसद में कहा कि इस विधेयक के लागू होने से वक्फ संपत्तियों पर कब्जे को कानूनी मान्यता मिल जाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने वक्फ संपत्ति पर कब्जा कर लिया, तो सरकार इस पर लिमिटेशन एक्ट लागू करेगी, जिससे रातों-रात अतिक्रमणकर्ता उस संपत्ति का कानूनी मालिक बन जाएगा। उन्होंने इसे न्याय की भावना के खिलाफ बताया और कहा कि यह विधेयक अतिक्रमण करने वालों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर मुस्लिम वक्फ संपत्तियों को कमजोर कर रही है ताकि मुसलमानों की आर्थिक और शैक्षणिक प्रगति को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि 2007 की सच्चर कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया था कि सिर्फ दिल्ली में 123 वक्फ संपत्तियों की बाजार कीमत 6000 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब सरकार इन संपत्तियों को हड़पने के लिए नए कानून बना रही है।
अल्पसंख्यक समुदाय की अनदेखी
ओवैसी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मुस्लिम सदस्यों के साथ भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अनुसूचित जनजाति से है और वह मुस्लिम है, तो क्या उसे उसके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जाएगा? उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 29 का उल्लंघन करार दिया।
ओवैसी ने कहा कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों से संबंधित मामलों में न्यायिक अपील के अधिकार को समाप्त कर देगा। उन्होंने बताया कि आमतौर पर विभिन्न ट्रिब्यूनलों (जैसे रेलवे ट्रिब्यूनल, इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल) में अपील करने का अधिकार होता है, लेकिन इस विधेयक में वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में अपील के अधिकार को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति में अब गैर-मुस्लिमों को भी शामिल किया जा सकता है, जिससे वक्फ बोर्ड मुसलमानों के हितों की रक्षा नहीं कर सकेगा।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक