Ashok Gehlot Delimitation Warning: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रस्तावित परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि अगर केंद्र सरकार परिसीमन कराने में कामयाब हो गई तो देश में चीन, रूस और उत्तर कोरिया जैसे हालात बन सकते हैं, जहां सत्ता और विपक्ष दोनों पर एक ही पक्ष का नियंत्रण होगा। जोधपुर के दो दिवसीय दौरे के बाद रविवार को रवाना होने से पहले सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि भाजपा के इस खेल को समय रहते नहीं समझा गया तो देश की जनता और आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

‘पक्ष भी इनका और विपक्ष भी इनका हो जाएगा’

अशोक गहलोत ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही पारित हो चुका है और कांग्रेस लगातार इसे लागू करने की मांग कर रही है। इसके बावजूद लोकसभा की सीटें 800 करने के लिए परिसीमन की बात की जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन के जरिए कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। गहलोत ने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो देश में स्थायी शासन जैसी स्थिति बन सकती है। उन्होंने चीन, रूस और उत्तर कोरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पक्ष और विपक्ष दोनों पर सत्ता का नियंत्रण है।

पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां भाजपा की जीत के बाद ममता बनर्जी की पार्टी में टूट हुई और उसी से विपक्ष का नेता बना दिया गया। गहलोत के मुताबिक, ऐसी स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।

‘भाजपा के इस खतरनाक खेल को अभी समझना होगा’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के इस कथित खेल को अगर अभी नहीं समझा गया तो इसका असर सभी को भुगतना पड़ेगा।

गहलोत ने विपक्ष के आंदोलनों पर सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने का हक है। सरकार इन आंदोलनों को अराजकता बताकर जवाब दे रही है, जबकि उनके अनुसार किसी आंदोलन में हिंसा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्रदेशों के मुख्यमंत्री और नेता सड़कों पर उतर रहे हैं। इससे ट्रैफिक जाम हो रहा है और व्यापारी तथा आम लोग परेशान हो रहे हैं।

पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन पर भी उठाए सवाल

अशोक गहलोत ने पंचायत चुनावों को लेकर कहा कि कांग्रेस के पक्ष में अच्छा माहौल है। हालांकि, उन्होंने नगर निगम और नगर परिषद चुनावों में परिसीमन को लेकर भाजपा पर बेईमानी करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि नगर निकायों के परिसीमन में जो कुछ हुआ, उसकी कोई काट नहीं है और यह लोकतंत्र की हत्या जैसा है। गहलोत ने असम और पश्चिम बंगाल का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पंचायत राज के चुनावों में भी इसी तरह की परंपरा अपनाई गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए प्रदेश और देश के लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि यह तय करना जरूरी है कि कौन गलत है। अगर कांग्रेस गलत है तो उसे भी अपनी बात रखनी चाहिए और अगर दूसरी तरफ गलती है तो उसे भी स्वीकार करना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ियों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।

जोधपुर में कार्यकर्ताओं से मिले गहलोत

जोधपुर के दो दिवसीय दौरे के दौरान अशोक गहलोत ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। रविवार को रवाना होने से पहले उन्होंने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने परिसीमन, महिला आरक्षण, विपक्ष की भूमिका और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।

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