मोहम्मद करीमुल्लाह, मधुबनी। बिहार की राजनीति में विधान परिषद (MLC) चुनावों का सरगर्म दौर शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में मधुबनी-दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एक प्रमुख और दिलचस्प मोड़ सामने आया है। क्षेत्र के जाने-माने शिक्षाविद् और अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक अशोक कुमार पांडेय ने सोमवार को बतौर निर्दलीय प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
​दरभंगा आयुक्त कार्यालय में आधिकारिक रूप से नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं और उद्देश्यों को स्पष्ट किया।

​राजनीति सेवा का माध्यम

​नामांकन के तुरंत बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पांडेय ने कहा कि उनका राजनीति में आने का एकमात्र उद्देश्य समाज की निष्काम सेवा करना है। उन्होंने विशेष तौर पर जोर देकर कहा कि दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं का भविष्य उज्जवल बनाना और शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
​उन्होंने वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस क्षेत्र से अब तक जितने भी प्रतिनिधि चुनकर सदन में पहुंचे, उन्होंने कभी भी स्नातक बेरोजगारों के हक और उनके भविष्य के लिए आवाज नहीं उठाई। जनप्रतिनिधियों की इस उदासीनता के कारण क्षेत्र का पढ़ा-लिखा वर्ग उपेक्षित महसूस कर रहा है।

​प्रबुद्ध मतदाताओं को बदलाव पर पूरा भरोसा

​चुनावी समीकरणों पर बात करते हुए अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव आम चुनावों से बिल्कुल अलग होता है। इस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता बेहद शिक्षित, प्रबुद्ध और समझदार होते हैं, जो सही और गलत का अंतर अच्छी तरह समझते हैं।
​उन्होंने विश्वास जताया कि समाज के हर वर्ग के मतदाताओं का उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है। मतदाता इस बार पुरानी व्यवस्था से तंग आ चुके हैं और बदलाव के मूड में हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि प्रबुद्ध वर्ग का आशीर्वाद और समर्थन उन्हें इस चुनाव में भारी बहुमत से विजय दिलाएगा।

​क्षेत्र में सक्रियता और समर्थकों की उपस्थिति

​मूल रूप से मधुबनी जिले के पंडौल प्रखंड अंतर्गत राजेग्राम गांव के निवासी अशोक कुमार पांडेय पिछले कई वर्षों से लगातार स्नातक मतदाताओं के संपर्क में हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
​नामांकन के इस अवसर पर उनके साथ कई गणमान्य और प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से अनिल झा, नर्मदेश्वर झा उर्फ हेम झा, और नागेंद्र यादव शामिल थे। इन सभी ने पांडेय के उम्मीदवारी का स्वागत करते हुए उनके समर्थन में एकजुटता दिखाई है।